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Shardiya Navratri 2024: नवरात्रि में कैसे करें मां की आराधना? जानें देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का विधान

Sun, 29 Sep 2024 07:17 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नवरात्र नौ दिनों का उत्सव है। इस दौरान व्रत-पूजन में प्रतिदिन देवी के अनुसार एक विशिष्ट दिनचर्या का पालन करना चाहिए। आप हर दिन के अनुसार नौ देवी की पूजा शास्त्रानुकूल कर सकती हैं।
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Shardiya Navratri 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Shardiya Navratri 2024: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हर साल आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 03 अक्तूबर से होगी और इसका समापन 11 अक्तूबर को होगा। नवरात्रि के दौरान माता रानी की पूजा करने की परंपरा है। इस दौरान भक्त नौ दिनों तक देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं। नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक देवी मां को नौ दिन अलग अलग भोग लगाया जाता है। नवरात्र नौ दिनों का उत्सव है। इस दौरान व्रत-पूजन में प्रतिदिन देवी के अनुसार एक विशिष्ट दिनचर्या का पालन करना चाहिए। आप हर दिन के अनुसार नौ देवी की पूजा शास्त्रानुकूल कर सकती हैं।

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Shardiya Navratri 2024 - फोटो : instagram
पहले दिन केसरिया वस्त्र : मां शैलपुत्री नवदुर्गा का पहला रूप हैं। इसी दिन से योग साधना की शुरुआत होती है। इस दिन उपासक केसरिया वस्त्र पहनें, माता को फल अर्पित करें और फलाहार करें। मूल मंत्र - ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः।

Shardiya Navratri 2024 - फोटो : instagram
दूध आधारित वस्तुओं का अर्पण : मां ब्रह्मचारिणी की पूजा दूसरे दिन की जाती है। इस दिन साधक को लाल वस्त्र धारण करके देवी की आराधना करनी चाहिए। मां को दूध से बनी वस्तुएं अर्पित करें और दूध, दही एवं पनीर का आहार लें। मूल मंत्र - ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः।

Shardiya Navratri 2024 - फोटो : freepik
लाल फूलों से उपासना : मां चंद्रघंटा को देवी का कल्याणकारी रूप माना गया है। इस दिन भक्त पीले रंग के वस्त्र पहनकर मां की पूजा करें। लाल पुष्पों से मां की आराधना करें और सपरिवार मां की आरती करें। इस दिन कुट्टू के आटे का आहार लेना शास्त्रसम्मत माना गया है। मूल मंत्र - ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः।

Shardiya Navratri 2024 - फोटो : ANI
शाक-सब्जी का आहार : माता कूष्मांडा के दिन बच्चों की नजर उतारने की परंपरा है। इस दिन भक्त हरे रंग के वस्त्र धारण करें। साग-सब्जियों का सेवन करें। इस दिन पौधों की सेवा करना भी मां की आराधना का ही एक रूप है। मूल मंत्र - ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः।

Shardiya Navratri 2024 - फोटो : instagram
मखाने की खीर से पूजा : स्कंदमाता कुमार कार्तिकेय की मां हैं। इनका पूजन करने से भक्तों को कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस दिन भक्त रंग-बिरंगे वस्त्र पहनें। मां को चुनरी चढ़ाना भी लाभदायी माना जाता है। देवी की कथा सुनें और जागरण करें। फलाहार में मखाने की खीर खाएं। मूल मंत्र - ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः।

Shardiya Navratri 2024 - फोटो : Freepik
मेवा-मिश्री का भोग : इनकी पूजा से चारों पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है। इनकी आराधना के लिए केसरिया या वसंती वस्त्र धारण करना उपयुक्त माना गया है। मां कात्यायनी को मेवा-मिश्री का भोग लगाना सर्वोत्तम है। मूल मंत्र - ॐ देवी कात्यायन्यै नम:।

Shardiya Navratri 2024 - फोटो : instagram
रात्रि जागरण : मां कालरात्रि, देवी का सातवां रूप हैं। इनकी पूजा में रात्रि जागरण का महत्व अधिक है। चुनरी पहनकर रंग-बिरंगे पुष्पों से इनकी पूजा करने का विधान है। अगर भक्त सपरिवार इनकी पूजा करें और प्रसाद अर्पित करें तो इनका आशीर्वाद मिलता है। इस दिन फलाहार पर रहें। मूल मंत्र - ॐ देवी कालरात्र्यै नमः।

Shardiya Navratri 2024 - फोटो : अमर उजाला
कन्या पूजन : देवी के आठवें स्वरूप महागौरी की बड़ी महिमा है। इनकी पूजा के दिन कन्या पूजन करना और हलवा-पूरी तथा चने का भोग लगाना श्रेयस्कर माना गया है। इस दिन कन्या और बटुक की पूजा का भी विधान है। बच्चों को उपहार दें। मां की पूजा विभिन्न रंगों के वस्त्र एवं आभूषण पहनकर करें। मूल मंत्र - ॐ देवी महागौर्यै नमः।
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Shardiya Navratri 2024 - फोटो : adobe stock
सपरिवार आरती : माता का आखिरी रूप है सिद्धिदात्री का। यदि सपरिवार इनकी आरती की जाए तो भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। खाली स्थान में स्वास्तिक बनाएं और भक्तिपूर्वक विसर्जन करें। आहार में इस दिन पूरी-हलवा, चना साग आदि बनाने का विधान है। मूल मंत्र - ॐ देवी सिद्धिदात्र्यै नमः।

देवियों के मूल-मंत्रों को एक माला 28 बार या 11 बार जपें।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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