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Sawan Somwar 2023: शुभ योग में सावन का तीसरा सोमवार, सुख-समृद्धि के लिए सोमवार को जप ये मंत्र

Mon, 24 Jul 2023 07:05 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

सावन के तीसरे सोमवार पर रवि और शिव योग का संयोग है। शास्त्रों में शिव योग में पूजा-उपासना और व्रत रखने से सभी तरह की सफलताएं और सुख-समद्धि की प्राप्ति होती है। 
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Sawan 2023: विशेष योग में सावन का तीसरा सोमवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Sawan Somwar 2023: आज सावन महीने का तीसरा सोमवार है। सावन का महीना भगवान शिव का सबसे पवित्र महीना माना गया है और सावन में सोमवार व्रत का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष अधिक मास के कारण सावन का महीना एक बजाय दो महीनों का होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन महीने में आने वाले सोमवार पर जो भक्त व्रत और भगवान शिव-पार्वती की पूजा उपासना करता है उसी सभी तरह की मनोकामनाएं जल्द ही पूरी होती है। इस बार सावन के तीसरे सोमवार पर बहुत शुभ संयोग बन रहा है।

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सावन का तीसरा सोमवार और शुभ संयोग

  • 24 जुलाई को सावन का तीसरा सोमवार व्रत रखा जाएगा, जिसमें बहुत ही खास संयोग बन रहा है। सावन के तीसरे सोमवार पर रवि और शिव योग का संयोग है। शास्त्रों में शिव योग में पूजा-उपासना और व्रत रखने से सभी तरह की सफलताएं और सुख-समद्धि की प्राप्ति होती है। 

सावन सोमवार पर इन मंत्रों का जाप

  • वेदों और पुराणों के अनुसार  शिव अर्थात सृष्टि के सृजनकर्ता को प्रसन्न करने के लिए सिर्फ “ॐ नमः शिवाय” का जप ही काफी है। भोलेनाथ इस मंत्र से बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं एवं इस मंत्र के जप से आपके सभी दुःख, सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं और आप पर महाकाल की असीम कृपा बरसने लगती है। स्कन्दपुराण में कहा गया है कि-'ॐ नमः शिवाय 'महामंत्र जिसके मन में वास करता है,उसके लिए बहुत से मंत्र,तीर्थ,तप व यज्ञों की क्या जरूरत है।यह मंत्र मोक्ष प्रदाता है,पापों का नाश करता है और साधक को लौकिक,परलौकिक सुख देने वाला है।

मंत्र जप के नियम

  • ॐ नमः शिवाय बहुत चमत्कारी मंत्र है,इस मंत्र का जप पूरे भक्ति-भाव और शुद्धता के साथ  निर्मल भाव से करना चाहिए। 
  • इस मंत्र का जाप कम से कम 108 बार हर दिन रुद्राक्ष की माला से करना चाहिए,क्योकि रुद्राक्ष भगवान  शिव को अति प्रिय है। 
  • जप हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके करना चाहिए। 
  • शिव के ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप कहीं भी और किसी भी समय किया जाता है। लेकिन यदि आप बिल्व वृक्ष के नीचे,पवित्र नदी के किनारे या शिव मंदिर में इस मंत्र का जप करेंगे तो उसका फल सबसे उत्तम प्राप्त होगा।
  • इस मंत्र का जाप करने से धन की प्राप्ति, संतान की प्राप्ति और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
  •  इस मंत्र के जाप से सभी कष्ट और दुःख दूर हो जाते हैं।

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