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Ram Navami 2024 Vrat Niyam: रामनवमी के दिन पूजा का पुण्यफल पाने के लिए इन नियमों का रखें ध्यान

Sun, 14 Apr 2024 10:09 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस साल रामनवमी का त्योहार 17 अप्रैल को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं कि रामनवमी का पूरा पुण्यफल पाने के लिए व्रत एवं पूजा करते समय क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए। 
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ramnavami 2024 - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Ram Navami Vrat Niyam: चैत्र नवरात्रि के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को श्री राम के जन्म के अवसर पर रामनवमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन श्री राम की विशेष आराधना की जाती है। भगवान राम के जन्म के उपलक्ष्य में रामनवमी पर व्रत और पूजा की जाती है।  मान्यता है कि इस दिन जो व्यक्ति विधि-विधान से भगवान राम की पूजा, जप और व्रत करता है, उसे जीवन से जुड़े सभी सुख प्राप्त होते हैं। इस साल रामनवमी का त्योहार 17 अप्रैल को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं कि रामनवमी का पूरा पुण्यफल पाने के लिए व्रत एवं पूजा करते समय क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए। 

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रामनवमी की पूजा में क्या करें
रामनवमी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं। 
इसके बाद पूजा पाठ करने के बाद सूर्य देवता को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें। 
रामनवमी के दिन भगवान राम की मूर्ति के समक्ष श्रीरामचरितमानस की पूजा करें और उसका पाठ  करें। 
भगवान राम को पूजा के दौरान पीले वस्त्र, पीले पुष्प, और पीला चंदन अर्पित करें। 
भगवान राम की पूजा बगैर तुलसी दल के अधूरी मानी जाती है, ऐसे में रामनवमी की पूजा करते समय भगवान राम को भोग के साथ तुलसी दल अवश्य चढ़ाएं। 
भगवान राम के व्रत एवं पूजा का पुण्यफल पाने के लिए रामनवमी के दिन विशेष रूप से रामरक्षास्तोत्र का पाठ करें।  
हिंदू मान्यता के अनुसार बुध कौशिक ऋषि द्वारा रचित श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन से जुड़ी बड़ी से बड़ी समस्या पलक झपकते दूर हो जाती हैं।
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रामनवमी की पूजा में क्या न करें
भगवान राम की पूजा हमेशा साफ-सुथरे वस्त्र पहनकर पवित्र मन से करना चाहिए। 
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान राम की पूजा करते समय बासी या फिर मुरझाए फूल या प्रसाद को नहीं चढ़ाना चाहिए।  
पूजा करते समय यदि दीया बुझ जाए तो उसे दोबारा से न जलाकर नया दीया लगाएं। 
रामनवमी के दिन तामसिक चीजों यानि प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा आदि का भूलकर भी सेवन नहीं करना चाहिए। 
रामनवमी का व्रत रखने वाले साधक को भूलकर भी किसी के प्रति बुरी भावना नहीं लाना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए व्रत को पूरा करना चाहिए। 
रामनवमी के दिन भूलकर भी किसी के साथ झगड़ा नहीं करना चाहिए और न ही किसी का अपमान करना चाहिए। 

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