रामनवमी की पूजा में क्या करें
रामनवमी के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत हो जाएं।
इसके बाद पूजा पाठ करने के बाद सूर्य देवता को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें।
रामनवमी के दिन भगवान राम की मूर्ति के समक्ष श्रीरामचरितमानस की पूजा करें और उसका पाठ करें।
भगवान राम को पूजा के दौरान पीले वस्त्र, पीले पुष्प, और पीला चंदन अर्पित करें।
भगवान राम की पूजा बगैर तुलसी दल के अधूरी मानी जाती है, ऐसे में रामनवमी की पूजा करते समय भगवान राम को भोग के साथ तुलसी दल अवश्य चढ़ाएं।
भगवान राम के व्रत एवं पूजा का पुण्यफल पाने के लिए रामनवमी के दिन विशेष रूप से रामरक्षास्तोत्र का पाठ करें।
हिंदू मान्यता के अनुसार बुध कौशिक ऋषि द्वारा रचित श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन से जुड़ी बड़ी से बड़ी समस्या पलक झपकते दूर हो जाती हैं।
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रामनवमी की पूजा में क्या न करें
भगवान राम की पूजा हमेशा साफ-सुथरे वस्त्र पहनकर पवित्र मन से करना चाहिए।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान राम की पूजा करते समय बासी या फिर मुरझाए फूल या प्रसाद को नहीं चढ़ाना चाहिए।
पूजा करते समय यदि दीया बुझ जाए तो उसे दोबारा से न जलाकर नया दीया लगाएं।
रामनवमी के दिन तामसिक चीजों यानि प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा आदि का भूलकर भी सेवन नहीं करना चाहिए।
रामनवमी का व्रत रखने वाले साधक को भूलकर भी किसी के प्रति बुरी भावना नहीं लाना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए व्रत को पूरा करना चाहिए।
रामनवमी के दिन भूलकर भी किसी के साथ झगड़ा नहीं करना चाहिए और न ही किसी का अपमान करना चाहिए।