पुत्रदा एकादशी पर करें ये 5 उपाय
- पुत्रदा एकादशी व्रत के शुभ दिन पर तुलसी की माला से संतान गोपाल मंत्र का जाप करें। ये उपाय संतान के लिए लाभदायक होता है।
- इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से घर से सभी नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। वहीं संतान के जीवन में भी सुख-समृद्धि बनी रहती है।
- पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पीले रंग के फूल की माला अर्पित करें। इस दौरान उन्हें चंदन का तिलक भी गलाएं। इससे बच्चों के तनाव में कमी आती है। इस दौरान संतान के साथ भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करें, और विद्या यंत्र की स्थापना करें। ऐसा करने से पढ़ाई में आ रही समस्याएं समाप्त हो सकती हैं।
- पुत्रदा एकादशी पर भगवान विष्णु के मंत्र का 108 बार जाप करें। ऐसा करने पर संतान के जीवन में खुशहाली बनी रहती हैं।
- इस दिन परिवार के साथ भगवान विष्णु की आरती करने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है। ये आरती कुछ इस प्रकार से है:-
भगवान विष्णु की आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥
जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥
तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥
तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥
तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥
जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।