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Navratri 2024: नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर सुख-समृद्धि और माता रानी की कृपा पाने के जरूर करें यह उपाय

Mon, 07 Oct 2024 11:53 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्त्व है। नौ कन्याओं को देवी दुर्गा का रूप मानकर उन्हें भोजन कराना और उपहार देना पुण्यकारी माना जाता है। कन्या पूजन के दौरान उन्हें हलवा, पूरी, चने का प्रसाद दिया जाता है। 
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शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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Navratri 2024: नवरात्रि माता दुर्गा की उपासना का प्रमुख पर्व है, जिसमें नौ दिनों तक शक्ति की उपासना की जाती है। इस दौरान भक्तजन विभिन्न विधियों से माता को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। नवरात्रि के आठवें और नवें दिन विशेषरूप से कन्या पूजन का विधान है । यह दिन महागौरी और मां सिद्धिदात्री की उपासना का होता है, जिन्हें सौंदर्य, सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। माता रानी की भक्ति और उपासना के द्वारा जीवन में आने वाली कठिनाइयों का समाधान होता है और हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है। पंचांग के अनुसार इस साल 11 अक्तूबर 2024 को अष्टमी और नवमी एक ही दिन मनाई जा रही है। ऐसे में आप 11 अक्तूबर को मां महागौरी और देवी सिद्धिदात्री की पूजा भी कर कुछ उपाय कर सकते हैं।

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कन्या पूजन: सबसे महत्वपूर्ण उपाय
अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्त्व है। नौ कन्याओं को देवी दुर्गा का रूप मानकर उन्हें भोजन कराना और उपहार देना पुण्यकारी माना जाता है। कन्या पूजन के दौरान उन्हें हलवा, पूरी, चने का प्रसाद दिया जाता है। इससे माता दुर्गा प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

सात्विक भोजन और उपवास
अष्टमी के दिन सात्विक भोजन करना और यदि संभव हो तो उपवास रखना माता रानी की कृपा पाने का एक महत्वपूर्ण उपाय है। उपवास से मन और शरीर शुद्ध होते हैं और व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जो व्यक्ति इस दिन श्रद्धा और भक्ति से उपवास रखते हैं, उन पर माता रानी की विशेष कृपा होती है।
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मां दुर्गा के 108 नामों का जाप
अष्टमी के दिन माता दुर्गा के 108 नामों का जाप करना भी एक प्रभावशाली उपाय है। इससे व्यक्ति के जीवन में आने वाली परेशानियों का अंत होता है और सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

चुनरी चढ़ाना
अष्टमी और नवमी के दिन माता दुर्गा की मूर्ति या चित्र पर लाल चुनरी चढ़ाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। यह चुनरी समर्पण का प्रतीक है और माना जाता है कि इस दिन चुनरी चढ़ाने से माता रानी की कृपा सदैव आपके साथ रहती है। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है।

संध्या आरती और दीप प्रज्वलन
अष्टमी के दिन संध्या काल में देवी दुर्गा की आरती करें और घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं। ऐसा करने से न केवल घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है बल्कि माता रानी की कृपा भी प्राप्त होती है। माना जाता है कि दीप प्रज्वलन से घर के वातावरण में शांति और समृद्धि आती है और बुरी शक्तियों का नाश होता है।
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