नरक चतुर्दशी के दिन भी कई ऐसे उपाय किए जाते हैं जिससे जातकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और इसके साथ धन-संपदा भी प्राप्त होती है। आइए जानते हैं नरक चतुर्दशी के कौन से उपाय हैं जो आपको आर्थिक समृद्धि प्रदान करेंगे। इस वर्ष तिथि के ह्रास के कारण पंचांग में मतभेद है। इस कारण कुछ लोग 3 नवंबर और कुछ 4 नवंबर को नरक चतुर्दशी मना रहे हैं।
कार्तिक मास की कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है। इस पर्व को हम छोटी दिवाली, रूप चौदस या रूप चतुर्दशी के नाम से भी जानते हैं। हमारे धर्म शास्त्रों की मानें तो नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली के दिन जो जातक सूर्योदय से पहले स्नान करता है वह नरक का भागी नहीं होता। नरक चतुर्दशी के दिन भी कई ऐसे टोटके किए जाते हैं जिससे जातकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और इसके साथ धन-संपदा भी प्राप्त होती है। आइए जानते हैं नरक चतुर्दशी के कौन से उपाय हैं जो आपको आर्थिक समृद्धि प्रदान करेंगे। इस वर्ष तिथि के ह्रास के कारण पंचांग में मतभेद है। इस कारण कुछ लोग आज 3 नवंबर को नरक चतुर्दशी मना रहे हैं।
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ये हैं नरक चतुर्दशी के अचूक उपाय
नरक चतुर्दशी के दिन लाल चंदन,गुलाब के फूल तथा रोली के पैकेट की पूजा करके, इन्हें एक लाल कपड़ें में बांधकर तिजोरी में रख दें। इस उपाय को करने से धन की प्राप्ति होती है।
नरक चतुर्दशी के दिन स्नान से पहले शरीर पर तिल का तेल जरूर लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन तिल के तेल में लक्ष्मी जी और जल में गंगा जी का निवास होता हैं।
तेल लगाने से पहले शरीर पर उबटन भी लगाना चाहिए। पानी में हल्दी और कुमकुम डालकर स्नान करना सर्वोत्तम होता है, यह आपको रूप सौन्दर्य का वरदान देता है।
नरक चतुर्दशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर लेना चाहिए। स्नान करने के बाद यमराज का तर्पण करके तीन अंजलि जल अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है।
नरक चतुर्दशी पर शाम के समय घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर 4 बत्तियों का दीपक जलाकर धर्मराज का ध्यान करते हुए पूर्व दिशा की ओर मुख करके दीपदान करना चाहिए। इससे उस घर में अकाल मृत्यु नहीं होती है।
सनत कुमार संहिता के अनुसार नरक चतुर्दशी के दिन यमराज के नाम का दीपदान करने से पितरों को स्वर्ग का मार्ग प्राप्त होता है और नरक से मुक्ति मिलती है।
नरक चतुर्दशी के दिन भगवान वामन और राजा बलि का स्मरण करना चाहिए और उनकी पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से आपके घर में माँ लक्ष्मी का स्थायी रूप में आगमन होता है।