इस बार भी पिछले साल की तरह मकर संक्रांति 14 जनवरी के बजाय 15 जनवरी को मनाई जाएगी। दरअसल सूर्य जब धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है तब मकर संक्रांति मनाई जाती है। सभी 12 संक्रांतियो में यह मकर संक्रांति सबसे श्रेष्ठ और शुभ संक्रांति मानी जाती है। मकर संक्रांति से सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण हो जाता है। जिससे सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। इस बार मकर संक्रांति पर अमृत सिद्धि, सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग भी रहेगा। ज्योतिष में इन तीनों योग को बहुत ही शुभ माना गया है। मकर संक्रांति के इस तरह के शुभ योग में पूजा-पाठ, स्नान और दान करने से व्यक्ति को अनेक तरह के शुभ फल की प्राप्ति होती है।
मकर संक्रांति पर जरूर करें ये 5 काम
- मकर संक्रांति के दिन आम दिनों के मुकाबले सुबह जल्दी उठें और अपने आस-पास की पवित्र नदियों में जाकर स्नान करना चाहिए। अगर संभव न हो तो घर पर ही पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे डालकर स्नान जरूर करें।
- स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, चावल और लाल फूल के साथ सूर्य देवता का समर्पित करें। जल चढ़ाते समय सूर्य मंत्र का जप जरूर करें।
- मकर संक्रांति पर दान देने की परंपरा है। मंदिर जाकर गुड़ और काले तिल का दान करें। दान करने से सूर्य और शनि देव के साथ प्रसन्न होते हैं।
- सूर्य देव को जल चढ़ाने के बाद मंदिर में शिवलिंग पर काले तिल के साथ जल जरूर अर्पित करें।
- मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ से बनी चीजें को खाना चाहिए साथ ही इस दिन खिचड़ी भी जरूर खाएं।