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Karwa Chauth 2024: करवा चौथ पर 21 मिनट तक रहेगी भद्रा, इस दौरान सुहागिनें न करें ये काम

Fri, 18 Oct 2024 07:17 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

करवा चौथ हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है और कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन मनाया जाता है। इस वर्ष, करवा चौथ  लगभग 20 अक्तूबर, 2024 को मनाया जाएगा।
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Karva Chauth 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Karwa Chauth 2024 Time: करवा चौथ हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है और कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन मनाया जाता है। इस वर्ष, करवा चौथ  लगभग 20 अक्तूबर, 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन, विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन को बनाए रखने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं जिसका पारण चांद निकलने पर किया जाता है। 

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करवा व्रत की शुरुआत हमेशा सरगी खाने से होती है, जो सूर्योदय से करीब दो घंटे पहले खाई जाती है। इस दौरान करवा माता, भगवान गणेश और चंद्रमा की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। इस साल करवा चौथ पर भी भद्रा का साया रहेगा। ऐसे में आइए जानते हैं इस दौरान सुहागिनों को किस प्रकार के कार्य करने से बचना चाहिए। 

Karwa Chauth - फोटो : freepik
भद्रा लगने का समय 
ज्योतिष शास्त्र में भद्रा को शुभ माना गया है। कहा जाता है कि भद्रा शुभ कार्यों में बाधा उत्पन्न करती है। इस वर्ष करवा चौथ पर 20 अक्तूबर को 21 मिनट तक भद्रा का साया रहेगा। करवा चौथ के दिन पूजा का शुभ समय 20 अक्तूबर 2024 को शाम 5:46 बजे से शुरू हो रहा है। यह शुभ मुहूर्त 19:02 तक रहेगी। करवा चौथ के दिन भद्रा सुबह 06:24 से 06:46 तक रहती है। करवा चौथ व्रत की शुरुआत  भद्रा काल शुरू होने से पूर्व ही हो जाएगी। ऐसे में व्रती सूर्योदय से पहले स्नान कर सरगी ग्रहण कर लें और व्रत का संकल्प ले लें। 

Karwa Chauth - फोटो : freepik
करवा चौथ व्रत के दौरान न करें ये काम 
  • करवा चौथ व्रत वाले दिन सुहागिनें अपने श्रृंगार में सफेद और काले रंग की वस्तु का प्रयोग न करें। सुहागिन महिलाएं यदि  करवा चौथ पर इन रंगों का उपयोग करती हैं तो उनके जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। 
  • भद्रा काल के दौरान कोई संपत्ति या व्यापार की शुरुआत या निवेश न करें। 
  • करवा चौथ पर पूजा के बाद जब भी कोई श्रृंगार की वस्तु बच जाती हैं, तो उसे इधर उधर न फेंकें, बल्कि उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें।
  • इस दिन धारदार चीजों के इस्तेमाल से बचें। साथ ही किसी से कोई भी मनमुटाव न रखें और अपशब्द न कहें।
  • व्रत पारण करने के बाद तामसिक भोजन ग्रहण न करें।
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Karwa Chauth - फोटो : freepik
महिलाएं करें ये काम 
हालांकि करवा चौथ की पूजा के समय भद्रा नहीं है फिर भी यदि महिलाओं को भद्रा का भय सता रहा है वो नीचे दिए गए मंत्र का जाप कर सकती हैं।
धन्या दधमुखी भद्रा महामारी खरानना।
कालारात्रिर्महारुद्रा विष्टिश्च कुल पुत्रिका।
भैरवी च महाकाली असुराणां क्षयन्करी।
द्वादश्चैव तु नामानि प्रातरुत्थाय यः पठेत्।
न च व्याधिर्भवैत तस्य रोगी रोगात्प्रमुच्यते।
गृह्यः सर्वेनुकूला: स्यर्नु च विघ्रादि जायते। 

इस मंत्र के जाप से भद्रा का भय कम होता है और वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधाएं खत्म होती हैं। 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण):  ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
 
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