हिंदू पंचांग के अनुसार एक महीने को 15-15 दिनों में दो पक्षों में बांटा गया है। 15 दिन शुक्ल पक्ष और 15 दिन कृष्ण पक्ष का होता है। 23 मई शनिवार से ज्येष्ठ माह का शुक्ल पक्ष आरंभ हो गया है। इस पक्ष में कई व्रत और त्योहार आएंगे जिसमे प्रमुख रूप से गंगा दशहरा, निर्जला एकादशी और पूर्णिमा है। हिंदू धर्म के अनुसार ज्येष्ठ महीने में अत्यंत गर्मी पड़ती है। ऐसे में इस महीने में पशु, पक्षी से लेकर आम आदमी तक भीषण गर्मी से त्रस्त रहता है। ऐसे में इस महीने जल के दान का अत्यधिक महत्व होता है। आइए जानते हैं इन 15 दिनों में कौन-कौन से त्योहार आ आएंगे।
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25 मई, सोमवार - रंभा तीज
हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की तृयीया तिथि पर रंभा तृतीया का व्रत रखा जाता है। रंभा व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। इस बार सोमवार 25 मई रंभा तृतीया पड़ने से इसका महत्व काफी बढ़ जाता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य में वृद्धि के लिए यह व्रत रखती है। पुराणों के अनुसार यह व्रत देवलोक की अप्सरा रंभा ने किया था। जिस कारण से इसे रंभा तीज के नाम से जाना जाता है।
26 मई, मंगलवार - अंगारक चतुर्थी
शास्त्रों में चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है। इस बार यह 26 मई को है। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए यह व्रत रखा जाता है। इस व्रत को रखने से हर तरह की परेशानियां दूर हो जाती है।
30 मई, शनिवार - महाविद्या धूमावती प्राकट्योत्सव
दस महाविद्याओं में सातवें स्थान पर माँ धूमावती का नाम आता है। इनका प्राकट्य ज्येष्ठ शुक्लपक्ष अष्टमी तिथि पर मनाया जाता है।
1 जून, सोमवार - गंगा दशहरा
1 जून,सोमवार के दिन गंगा दशहरा का त्योहार मनाया जाएगा। ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर गंगा मां पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। हिंदू धर्म में गंगा पूजन और स्नान का विशेष महत्व होता है। इस दिन गंगा स्नान से 10 तरह के पापों का नाश होता है।
2 जून, मंगलवार - निर्जला एकादशी व्रत
2 जून को शुक्ल पक्ष की एकादशी का व्रत रखा जाएगा। ज्येष्ठ महीने की इस एकादशी की विशेष महत्व होता है। इसमें बिना जल के उस व्रत को रखा जाता है इसलिए इसको निर्जला एकादशी व्रत कहते हैं।
3 जून, बुधवार - प्रदोष व्रत
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए 3 जून को प्रदोष व्रत रखा जाएगा।
5 जून, शुक्रवार - ज्येष्ठ पूर्णिमा
हिंदू धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। पूर्णिमा पर गंगा स्नान और दान करने का महत्व होता है। 5 जून को ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा है।