आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती हैं। इस बार ये 9 जुलाई को मनाई जा रही है । गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु के आरम्भ होती है। इस ऋतु के बाद चार महीने तक पूजा यानी शिक्षा-ग्रहण का विधान है। इस दिन चारों वेदों के व महाभारत के रचियता, संस्कृत के परम विद्वान कृष्ण द्वैपायन व्यास जी का जन्मदिन भी मनाया जाता है।
पूरे भारत में यह त्योहार बेहद धूमधाम से मनाया जाता है. कहा जाता है कि प्राचीन काल में इसी दिन शिष्य अपने गुरुओं की पूजा करते थे. भारतीय परम्परा में गुरु को भगवान से भी ऊंचा माना गया है, इसलिए यह दिन गुरु की पूजा का विशेष दिन है। ऐसा माना जाता है कि गुरु पूर्णिमा को गुरु की पूजा करने से ज्ञान और शांति प्राप्त करने की शक्ति मिलती है।
गुरु पूर्णिमा के दिन आप भगवान विष्णु को नमन करें। जो छात्र पढ़ाई में पीछे रह जा रहे है वे गीता का पाठ कर सकते है। वहीं जिनका कारोबार धीमा चल रहा है वे लोग पीले अनाज,वस्त्र आदि दान कर सकते है।