फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Govardhan Puja 2021:गोवर्धन पूजा आज, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Fri, 05 Nov 2021 10:01 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमरउजाला

सार

हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा या अन्न कूट का पर्व मनाया जाता है।  इस बार यह पर्व 5 नवंबर यानि कि आज मनाया जा रहा है। इस पर्व की खास धूम वृंदावन या ब्रज के क्षेत्र में देखने को मिलती है। पुराणों के अनुसार भगवान कृष्ण ने गोकुल वासियों को गोवर्धन पूजा के लिए प्रेरित किया था। इस पर्व पर गौ माता की पूजा का भी विशेष महत्व है। आइए जानते हैं क्या है गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि 
 
विज्ञापन
गोवर्धन पूजा 2021 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा या अन्न कूट का पर्व मनाया जाता है।  इस बार यह पर्व 5 नवंबर यानि कि आज मनाया जा रहा है। इस पर्व की खास धूम वृंदावन या ब्रज के क्षेत्र में देखने को मिलती है। पुराणों के अनुसार भगवान कृष्ण ने गोकुल वासियों को गोवर्धन पूजा के लिए प्रेरित किया था। इस पर्व पर गौ माता की पूजा का भी विशेष महत्व है। आइए जानते हैं क्या है गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि 
विज्ञापन


गोवर्धन पूजा 2021 मुहूर्त:

गोवर्धन पूजा प्रातःकाल मुहूर्त – 06:36 AM से 08:47 AM
अवधि – 02 घण्टे 11 मिनट

गोवर्धन पूजा सायंकाल मुहूर्त – 03:22 PM से 05:33 PM
अवधि – 02 घण्टे 11 मिनट
प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ – नवम्बर 05, 2021 को 02:44 AM बजे
प्रतिपदा तिथि समाप्त – नवम्बर 05, 2021 को 11:14 PM बजे

गोवर्धन पूजा विधि
  • सबसे पहले  घर में गोबर से गोवर्धन पर्वत का चित्र बनाकर उसे फूलों से सजाएं। 
  • गोवर्धन पर्वत के पास ग्वाल-बाल और पेड़ पौधों की आकृति बनाएं ,बीच में भगवान कृष्ण की मूर्ति रखें। 
  • इसके बाद षोडशोपचार विधि से पूजन करें। 
  • पूजन के समय गोवर्धन पर धूप, दीप, जल, फल, नैवेद्य चढ़ाएं। 
  • अन्नकूट का  भोग लगाएं। 
  • इसके बाद गोवर्धन पूजा की व्रत कथा सुनें और प्रसाद वितरित करें। 
  • पूजा के बाद गोवर्धन जी की सात परिक्रमाएं लगाएं। 
गोवर्धन पूजा पर करें ये उपाय 
  • इस दिन आर्थिक संपन्नता के लिए गाय को स्नान कराकर उसका तिलक करें।
  • गाय को हरा चारा और मिठाई खिलाएं, फिर गाय की 7 बार परिक्रमा करें।
  • इसके बाद गाय के खुर के पास की मिट्टी एक कांच की शीशी में लेकर उसे अपने पास रख लें।
  • मान्यता है ऐसा करने से धन-धान्य की कभी कमी नहीं होगी। 

गोवर्धन पूजा का महत्व

ऐसा माना जाता है कि जो गोवर्धन पर्वत का पूजन करता है उसे धन, संतान और गौ रस की वृद्धि होती है। गोवर्धन पूजा प्रकृति और भगवान श्री कृष्ण को समर्पित पर्व है। इस दिन कई मंदिरों में धार्मिक आयोजन और अन्नकूट यानी भंडारे होते हैं। पूजन के बाद लोगों में प्रसाद बांटा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें