इस वर्ष 07 सितंबर तो देशभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा। लोग गणेश चतुर्थी के उत्सव पर व्रत भी रखते हैं। लेकिन इस व्रत के दौरान आपको कुछ खास बातों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है, क्योंकि अगर आप व्रत के नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो इससे आपको व्रत का पूर्ण लाभ नहीं मिल सकता है।
Ganesh Chaturthi Vrat Niyam : गणेश चतुर्थी का व्रत देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। 10 दिवसीय इस पर्व के दौरान श्री गणेश की घर में स्थापना की जाती है। इस वर्ष 07 सितंबर तो देशभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा। गणेश चतुर्थी के दिन कई स्थानों पर बड़े-बड़े पंडालों में भी गणपति जी की प्रतिमा लगाकर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। इसके अलावा, लोग गणेश चतुर्थी के उत्सव पर व्रत भी रखते हैं। लेकिन इस व्रत के दौरान आपको कुछ खास बातों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है, क्योंकि अगर आप व्रत के नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो इससे आपको व्रत का पूर्ण लाभ नहीं मिल सकता है। ऐसे में यह जरूरी है कि व्रत से जुड़े नियमों के बारे में जान लें ताकि व्रत बिना किसी दोष के पूर्ण हो पाए और श्री गणेश की कृपा हमेशा बरसती रहे। आइए जानते हैं कि गणेश चतुर्थी का व्रत रखते समय किन नियमों का विशेष तौर पर पालन करना ही चाहिए।
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गणेश चतुर्थी व्रत नियम
गणेश चतुर्थी व्रत संकल्प लेकर ही आरंभ करें। इस दौरान स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इस दौरान घर में भूलकर भी तामसिक भोजन का प्रयोग न करें। घर में सात्विक भोजन ही बनाएं।
गणेश चतुर्थी के 10 दिनों तक ब्रह्मचार्य का पालन करें और मन में सात्विक विचार रखें। इस दौरान किसी का भी अपमान न करें।
भाद्रपद के शुक्ल पक्ष को पड़ने वाली इस गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन वर्जित है। इस दौरान चंद्र पूजन भी नहीं करना चाहिए। साथ ही सफेद चीजों जैसे वस्त्र, लड्डू आदि का पूजा में इस्तेमाल न करें। इससे गणेश जी अप्रसन्न हो सकते हैं।
गणेश चतुर्थी के व्रत के दौरान गौ सेवा अवश्य करें और साथ ही, गणेश जी के वाहन मूषक को कुछ भोजन अवश्य कराएं। इससे गणेश जी कृपया बरसाएंगे।
गणेश चतुर्थी के व्रत के दौरान गणेश जी को ज्यादा से ज्यादा लाल वस्तुएं जैसे फल, फूल, वस्त्र, चंदन (चंदन के उपाय) आदि अवश्य चढ़ें एवं इनका दान भी करें।
यदि गणेश चतुर्थी का व्रत रख रहें तो आप फलाहार कर सकते हैं, अन्न का सेवन न करें।
व्रत के दौरान गणेश मंत्रों का जाप करने से व्रत का दोगुना फल मिलता है।
गणेश चतुर्थी के व्रत के दौरान 'गणेश संकट नाशक स्तोत्र' का पाठ करने से जीवन के साभी विघ्न और संकट दूर होने लग जाते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।