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Ganesh Chaturthi 2022 Live: गणेश चतुर्थी पर इन उपायों बप्पा को प्रसन्न, सायंकाल में करें ये आरती

Wed, 31 Aug 2022 06:23 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

खास बातें

Ganesh Chaturthi 2022 Shubh Muhurat, Vrat Katha, Story In Hindi: आज से गणेश उत्सव शुरू हो गया है। मान्यता है कि भाद्रपद माह के शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि पर विध्नहर्ता और मंगलमूर्ति भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसी कारण से सभी चतुर्थी में इसका विशेष स्थान है। आज से घर-घर और बड़े-बड़े पंडालों में गणेश प्रतिमाएं स्थापित करके उनकी विधिवत पूजा-अर्चना शुरू होगी। गणेशोत्सव 10 दिनों तक चलेगा।
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Ganesh Chaturthi 2022 - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

06:00 PM, 31-Aug-2022
बप्पा को प्रसन्न करने के लिए सायंकाल में करें ये आरती - फोटो : iStock

बप्पा को प्रसन्न करने के लिए सायंकाल में करें ये आरती

जय देव जय देव आरती 

सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची
कंठी झलके माल मुकताफळांची

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकामना पूर्ति
जय देव जय देव

रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकामना पूर्ति
जय देव जय देव

लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना
दास रामाचा वाट पाहे सदना
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदना

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकामना पूर्ति
जय देव जय देव

शेंदुर लाल चढायो अच्छा गजमुख को
दोन्दिल लाल बिराजे सूत गौरिहर को
हाथ लिए गुड लड्डू साई सुरवर को
महिमा कहे ना जाय लागत हूँ पद को

जय जय जय जय जय
जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव जय देव

अष्ट सिधि दासी संकट को बैरी
विघन विनाशन मंगल मूरत अधिकारी
कोटि सूरज प्रकाश ऐसे छबी तेरी
गंडस्थल मद्मस्तक झूल शशि बहरी

जय जय जय जय जय
जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव जय देव

भावभगत से कोई शरणागत आवे
संतति संपत्ति सबही भरपूर पावे
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे
गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे

जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव जय देव

05:40 PM, 31-Aug-2022
गणेश चतुर्थी के दिन करें इस मंत्र का जाप  - फोटो : Social Media

गणेश चतुर्थी के दिन करें इस मंत्र का जाप

यदि आपका कोई काम बिगड़ रहा हो तो गणेश चतुर्थी के दिन इस मंत्र का जाप करने से लाभ प्राप्त होगा। 
मंत्र: त्रयीमयायाखिलबुद्धिदात्रे बुद्धिप्रदीपाय सुराधिपाय।
नित्याय सत्याय च नित्यबुद्धि नित्यं निरीहाय नमोस्तु नित्यम्।

05:30 PM, 31-Aug-2022

गणेश चतुर्थी पर पूजा के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
  • गणपति की पूजा में भूलकर भी गणेश जी को तुलसी दल अर्पित ना करें। 
  • गणेश पूजा के समय पीले या सफेद वस्त्र ही धारण करें। काले रंग के वस्त्र न पहनें। 
  • घर में गणेश जी की बहुत बड़े आकार की प्रतिमा न स्थापित करें। 
  • गणेश प्रतिमा बनाने के  लिए नदी की मिट्टी शुभदायी होती है। 
  • भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी यानी आज गलती से भी चंद्रदर्शन न करें।

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04:56 PM, 31-Aug-2022
गणपति के विभिन्न रूपों की महिमा  - फोटो : amar ujala

गणपति के विभिन्न रूपों की महिमा 

गणेश चतुर्थी के दिन हर घर और पंडाल में अलग रूप देखने को मिलते हैं। 
  • नीले रंग के गणेशजी को 'उच्छिष्ट गणपति' कहते हैं। 
  • हल्दी से बनी हुई या हल्दी का लेपन की हुई मूर्ति 'हरिद्रा गणपति' कहलाती है। गणपति की ये मूर्ति कुछ विशेष मनोकामनाओं के लिए शुभ मानी जाती है। 
  • सफेद रंग के गणपति को 'ऋणमोचन गणपति' कहते हैं। इनकी उपासना से कर्जों से मुक्ति मिलती है। 
  • चार भुजाओं वाले रक्त वर्णीय गणपति को 'संकष्टहरण गणपति' कहते हैं। इनकी उपासना से संकटों का नाश होता है।
  • एकदंत गणपति श्यामवर्ण के होते हैं। इनकी उपासना से अदभुत पराक्रम की प्राप्ति होती है।  
  • त्रिनेत्रधारी, रक्तवर्ण और दस भुजाधारी गणेश 'महागणपति' कहलाते हैं। 

04:31 PM, 31-Aug-2022
गणेश चतुर्थी के दिन करें ये धन वृद्धि के उपाय 

गणेश चतुर्थी के दिन करें ये धन वृद्धि के उपाय 

गणेश चतुर्थी के दिन 11 गांठ दूर्वा की बनाकर और एक हल्दी की गांठ को लेकर पीले कपड़े में बांध दें। इसके बाद अगले 10 दिनों तक इसकी पूजा करें। इसके बाद इस कपड़े को अपनी तिजोरी या फिर पैसे रखने वाली जगह पर रख लें। ऐसा करने से धन आगमन के मार्ग बनेंगे। साथ ही धन में वृद्धि होगी।

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04:02 PM, 31-Aug-2022

गणेश चतुर्थी के दिन करें यंत्र की स्थापना

गणेश चतुर्थी के दिन गणेश यंत्र की स्थापना करें। इस यंत्र की स्थापना व पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा हटती है। साथ ही घर में सुख- समृद्धि का वास रहेगा। सबसे पहले यंत्र को गंगाजल से शुद्ध कर लें। इसके बाद धूप- अगरबत्ती दिखाकर यंत्र को पूजा स्थल में स्थापित करें।

03:30 PM, 31-Aug-2022
राशिनुसार भगवान गणेश को लगाएं इन चीजों का भोग - फोटो : Istock

राशिनुसार भगवान गणेश को लगाएं इन चीजों का भोग

गणेश चतुर्थी पर राशि के अनुसार गणेश जी को भोग लगाएं।  
मेष राशि: गणेश जी को बूंदी के लड्डू चढ़ाने चाहिए। 
वृष राशि: वृष राशि के लोगों को मेवा से बने मोदक का भोग लगाना चाहिए। 
मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों को मूंग के लड्डू का भोग लगाना चाहिए। 
कर्क राशि: कर्क राशि के जातक गणेश जी को खोए से बने लड्डुओं का भोग लगा सकते हैं।
सिंह राशि: भगवान गणेश को सिंह राशि के लोगों गुड़ का भोग लगाना चाहिए। 
कन्या राशि: कन्या राशि वालों को मूंग की दाल के हलवे का भोग लगाना चाहिए।
तुला राशि: तुला राशि के जातक गणपति को नारियल का भोग लगाएं।
वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के जातक गणेश जी को बूंदी और बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। 
धनु राशि: धनु राशि के जातकों को भगवान गणेश जी को पीली मिठाई का भोग लगाना चाहिए। 
मकर राशि: मकर राशि वाले गणेश जी को मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाएं। 
कुंभ राशि: कुंभ राशि वाले भगवान गणेश को सूखे मेवे का भोग लगाएं । 
मीन राशि: मीन राशि के जातक भगवान गणेश को मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाएं। 

02:44 PM, 31-Aug-2022

गणेश चतुर्थी पर करें महाराष्ट्र के लालबागचा राजा के भव्य दर्शन

02:35 PM, 31-Aug-2022

जानिए राशिनुसार किस रंग की गणेश प्रतिमा करें स्थापित


मेष राशि 
मेष राशि का स्वामी ग्रह मंगल ग्रह है। ऐसे में मेष राशि के जातकों भगवान गणेश की लाल रंग की प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए। 
वृषभ राशि 
वृषभ राशि के जातक को भगवान गणेश की सफेद रंग की एकदंत प्रतिमा लानी चाहिए।
मिथुन राशि 
मिथुन राशि के जातकों को हल्के हरे रंग में लंबोदर की मूर्ति की स्थापना करनी चाहिए।
कर्क राशि 
कर्क राशि के स्वामी ग्रह चंद्रमा है। इसीलिए कर्क राशि के जातकों को सफेद रंग के मूषक वाहन के साथ गणेश प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए। 
 

01:47 PM, 31-Aug-2022
गणेश चतुर्थी - फोटो : अमर उजाला

गणेश चतुर्थी पर मनोकामनाओं को पूरा करने के उपाय


- घी का दीपक जलाएं और भगवान गणेश को गेंदे का फूल व गुड़ का भोग लगाएं इस उपाय से शुभ फलों की प्राप्ति होगी।

- भगवान गणेश को हरा रंग बेहद ही प्रिय होता है ऐसे में गणेश चतुर्थी के पूजन पर उन्हें साफ हरे रंग का वस्त्र पहनाएं। वही उनकी प्रतिमा के नीचे पीले रंग का कपड़ा बिछा दें। इस उपाय से समस्याओं का हल जल्दी निकलेगा।

- भाग्योदय के लिए श्री गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के मस्तक पर चंदन, सिंदूर व अक्षत का तिलक जरूर करें। 

- श्री गणेश चतुर्थी के दिन गाय को हरा चारा खिलाने से ग्रह दोष खत्म हो जाते हैं।

- आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए श्री गणेश चतुर्थी के दिन पांच दूर्वा में ग्यारह गांठें लगा कर इसे किसी लाल कपड़े में बांध दे और फिर भगवान गणेश के सामने रख दें। 

- व्यवसाय में उन्नति के लिए श्री गणेश चतुर्थी के दिन हरे मूंग का दान करें। इसे करने से बुध देवता प्रसन्न होते हैं। बुध देवता किसी भी जातक की कुंडली में व्यापार और संचार के कारक माने गए हैं।

01:04 PM, 31-Aug-2022
Lord Ganesha - फोटो : अमर उजाला

गजानन के हैं कई नाम 

गणेश चतुर्थी पर भगवान गजानन के अनेकों नामों के जाप से मिलता है सुख-समृद्धि और वैभव

गणपति, गणेश, सुमुख, एकदंत, कपिल, गजकर्णक, लंबोदर, विकट, विघ्न-नाश, विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष, भालचंद्र, गजानन, बालगणपति ,बुद्धिनाथ, धूम्रवर्ण ,एकाक्षर, गजकर्ण ,गजवक्र ,गजवक्त्र, गणाध्यक्ष ,गणपति , गौरीसुत ,लम्बकर्ण, लम्बोदर, महाबल ,महेश्वर, मंगलमूर्ति ,मूषकवाहन ,निदीश्वरम ,प्रथमेश्वर ,शूपकर्ण ,शुभम, सिद्धिदाता ,सिद्दिविनायक,सुरेश्वरम,अखूरथ ,अलम्पता ,अमित ,अनन्तचिदरुपम ,अवनीश,अविघ्न ,भीम ,भूपति,भुवनपति, बुद्धिप्रिय, बुद्धिविधाता ,चतुर्भुज,देवांतकनाशकारी,देवव्रत,देवेन्द्राशिक,धार्मिक,दूर्जा ,द्वैमातुर ,एकदंष्ट्र, ईशानपुत्र,गदाधर,गणाध्यक्षिण,गुणिन,हरिद्र, कपिल ,कवीश ,कीर्ति,कृपाकर,कृष्णपिंगाश,क्षेमंकरी, क्षिप्रा ,मनोमय, मृत्युंजय,मूढ़ाकरम ,मुक्तिदायी, नादप्रतिष्ठित,नमस्थेतु,नन्दन ,सिद्धांथ, पीताम्बर ,प्रमोद ,रक्त ,सर्वदेवात्मन ,सर्वसिद्धांत, सर्वात्मन,ओमकार ,शशिवर्णम,शुभगुणकानन, श्वेता,सिद्धिप्रिय,स्कन्दपूर्वज, सुमुख ,स्वरूप ,तरुण
 

12:53 PM, 31-Aug-2022
मोदक - फोटो : amar ujala

भगवान गणपति को मोदक क्यों प्रिय है?

गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए कई चीजों का भोग लगाया जाता है। जिसमें मुख्य रूप से मोदक खास भगवान गणेश को बेहद की प्रिय होती हैं। आइए जानते हैं आखिरकार भगवान गणेश को मोदक क्यों प्रिय होती है।  पौराणिक कथा के अनुसार एक बार ऋषि अत्रि ने गणेशजी को भोजन पर आमंत्रित किया,अत्रि ऋषि की पत्नी अनुसूया ने गणेश जी के लिए भोजन लगाया,गणेश जी भोजन करने लगे,लेकिन उनकी भूख शांत ही नहीं हो रही थी,अनुसूया को चिंता होने लगी कि यदि गणेश जी तृप्त नहीं हो पाए तो क्या होगा। घर आए अतिथि को बिना तृप्त किए नहीं लौटा सकते। तब अनुसूया जी ने सोचा कि गणेश जी को खाने के लिए कुछ मीठा दिया जाए। गणेश जी को तृप्त करने के लिए अनुसूया ने मोदक दिए, गणेश जी जैसे ही मोदक खाते हैं मीठे मोदक उनके मुंह में जाकर घुल जाते। मोदक खाकर गणेश जी का मन और पेट दोनों भर गए। वे बहुत प्रसन्न हुए। इसी तरह से एक दूसरी भी कथा मिलती है कि एक बार माता पार्वती ने भी गणेश जी के सामने लड्डू परोसे जिसे देखकर गणेश जी आनंदित हो गए। तभी से गणेश जी को लड्डू बहुत प्रिय हैं जो भीउन्हें लड्डू और मोदक का भोग लगाता है गणेश जी प्रसन्न होकर उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।  

12:08 PM, 31-Aug-2022

भगवान विनायक की मनमोहक मूर्ति

कलाकार सुदर्शन पटनायक ने रेत की भगवान गणपति की मूर्ति बनाकर देशवासियों को गणेशोत्सव की शुभकामनाएं दीं
 

11:55 AM, 31-Aug-2022
Happy Ganesh Chaturthi 2022 Wishes - फोटो : अमर उजाला

इन राशि के लोगों पर हमेशा रहते हैं भगवान गणपति मेहरबान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश की पूजा उपासना करने से कार्यों में आने वाली सभी तरह बाधाएं खत्म हो जाती हैं। भगवान गणपति के प्रसन्न होने पर व्यक्ति को सिद्धि, सफलता, यश, मान-सम्मान और सुख-समृद्धि प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान गणेश की कुछ राशियों के ऊपर विशेष कृपा रहती हैं। 

आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं वे राशियां- इन राशि के लोगों के ऊपर हमेशा रहती है भगवान गणेश की कृपा

11:31 AM, 31-Aug-2022
गणेश जी की कृपा प्राप्त करने के लिए चतुर्थी पर दूर्वा की गांठे और मोदक अर्पित करें - फोटो : istock

भगवान गणेश को दूर्वा क्यों करते हैं अर्पित

भगवान गणेश को दूर्वा बहुत ही प्रिय होती है। दूर्वा एक घास होती है जो हर जगह आसानी के साथ मिल जाती है। इसे दूब भी कहा जाता है। दरअसल भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करने के पीछे एक कथा है। अनलासुर राक्षस से सभी देवी-देवता परेशान हो गए थे। तब भगवान गणेश ने सभी देवी-देवताओं और मुनियों की रक्षा के लिए इस अनलासुर को निगल लिया था। राक्षस को निगल लेने की वजह से उनके पेट में बहुत ही जलन होने लगी। तब उनकी जलन को शांत करने के लिए मुनि कश्यप ने उन्हें खाने के लिए दू्र्वा की गांठे दी। दूर्वा खाते ही फौरन भगवान गणेश के पेट की जलन समाप्त हो गई। तभी से भगवान गणपति की पूजा में दूर्वा चढ़ाई जाती है।

11:12 AM, 31-Aug-2022
Ganesh Chaturthi 2022 - फोटो : अमर उजाला

गणेश स्थापना शुभ मुहू्र्त

अब बस थोड़ी ही देर बाद भगवान गणेश की स्थापना और पूजा के लिए सबसे अच्छा मुहू्र्त आने वाला है। इस शुभ मुहूर्त में करें गणपति की स्थापना,पूजा और पाएं भगवान सिद्धिदाता से सुख-समृद्धि

गणेश स्थापना शुभ मुहू्र्त
पहला मुहूर्त: प्रात: 6:05 से 9:27 बजे तक 
दूसरा मुहूर्त: प्रातः 10:30 से दोपहर 2:00 बजे तक 
तृतीय मुहूर्त: दोपहर 3:30 से सायं 5 बजे तक 
चतुर्थ मुहूर्त: सायं 6:00 से सेन 7:00 बजे तक 
मध्याह्न काल मुहूर्त: प्रातः 11:20 से दोपहर 1:20 तक

अच्छा मुहूर्त- सुबह 11.20 से दोपहर 1.20 तक

11:00 AM, 31-Aug-2022
भगवान गणेश

भगवान गणेश की लंबी सूंड का संदेश

सभी देवी-देवताओं में गणेशजी को बहुत अधिक कुशाग्र बुद्धि वाला माना गया है। गजाननजी की लम्बी सूंड महाबुद्धित्व का प्रतीक है लम्बी सूंड तीव्र सूंधने की क्षमता होती है। जिसका अर्थ है कि जो समझदार व्यक्ति है वह अपने आसपास के माहौल को पहले से ही सूंघ सकता है। गणेश जी की सूंड हमेशा हिलती-डुलती रहती है, जिसका तात्पर्य है कि मनुष्य को हमेशा सचेत रहना चाहिए। 

10:19 AM, 31-Aug-2022
Ganesh Chaturthi 2022 - फोटो : अमर उजाला

आज गणेशोत्सव पर कैसे करें गणपति उपासना

आज देशभर में गणेशोत्सव की धूम है। भगवान गणेश के भक्त अपने घरों और सार्वजनिक जगहों पर गणेशजी की भव्य प्रतिमाएं स्थापित करके विधि-विधान से पूजा कर रहै हैं। गणेशोत्सव का पर्व 9 सितंबर तक चलेगा। ऐसे आने वाले 10 दिनों में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करते हुए भगवान गणपति से जीवन में सुख-समृद्धि और संपन्नता का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। 

इस गणेशोत्सव पर कैसे करनी चाहिए भगवान गणेश की उपासना यहां पढ़ें पूरी पूजा विधि-   (गणेश पूजा विधि)

10:17 AM, 31-Aug-2022

देश के अलग-अलग जगहों पर गणेशोत्सव की धूम

10:02 AM, 31-Aug-2022

देश में गणेशोत्सव की धूम- देखिए तस्वीरें

09:57 AM, 31-Aug-2022

आखिर क्यों की जाती है गणेशजी की स्थापना और विसर्जन ?

आज बप्पा घर-घर में विराजमान होंगे। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस तिथि पर भगवान गणेश के भक्त अपने घरों और प्रतिष्ठानों में गणपति की मूर्ति की स्थापना करते हैं और अंनत चतुर्दशी पर उनका विसर्जन करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं भगवान गणेश की स्थापना और विसर्जन क्यों करते हैं। 

 जानने के लिए यहां क्लिक करें- गणेश स्थापना और विसर्जन क्यों?
 

09:46 AM, 31-Aug-2022
Ganesh Chaturthi 2022 - फोटो : अमर उजाला

भगवान गणेश से जुड़ी हैं कई मान्यताएं

किसी भी शुभ कार्य जैसे धार्मिक और मांगलिक अनुष्ठान करने से पहले सबसे भगवान गणेश की पूजा अवश्य की जाती है। भगवान गणेश को मंगलकर्ता और विध्नहर्ता कहा जाता है। भगवान गणेश की पूजा और उनके बारे में कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। जैसे-

-  सबसे पहले गणपति पूजन क्यों आवश्यक होता है?
- गणेश जी को दूर्वा क्यों चढ़ाते हैं?
- भगवान गणेश को तुलसी क्यों नहीं चढ़ाते हैं?
-  भगवान गणेश को क्यों है सिद्धिदाता
- गणपति जी को मोदक क्यों पसंद हैं?
- गणेश जी का विशाल शरीरे लेकिन उनका वाहन छोटा चूहा क्यों?
- गणेश जी का एक दांत टूटा क्यों है? 


इन सभी सवालों का यहां पाएं जवाब- (यहां पढ़े पूरी कहानी)

09:27 AM, 31-Aug-2022
Ganesh Chaturthi 2022 - फोटो : अमर उजाला

कैसे होनी चाहिए घर पर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना ?

आज गजानन,विध्ननहर्ता और सिद्धि प्रदान करने वाले भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। गणेश ज्ञान और बुद्धि के ऐसे देवता हैं,जिनकी उपासना से जीवन में सुख-समृद्धि,सफलता,मान-सम्मान और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। आज से घरों और पंडालों में गणपति विराजमान होंगे। घर की किस तरह से गणपति की स्थापना की जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा शुभ फल की प्राप्ति हो सके इसे जानने के लिए..... (यहां पढ़ें पूरी खबर)
 

09:10 AM, 31-Aug-2022
Happy Ganesh Chaturthi 2022 Wishes - फोटो : istock

300 साल बाद गणेश चतुर्थी पर दुर्लभ संयोग

आज से भगवान गणेश की उपासना और साधना का महापर्व गणेशोत्सव प्रारंभ हो गया है। यह 09 सितंबर तक चलेगा। इस बार की भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की गणेश चतुर्थी बहुत ही खास और शुभ फल देने वाली है। 300 साल बाद गणेश चतुर्थी पर दुर्लभ संयोग बना रहा है। दरअसल इस बार गणेश चतुर्थी तिथि पर वही शुभ योग और संयोग बना हुआ है जो गणेशजी के जन्म के समय बना था। भगवान गणेश का जन्म बुधवार के दिन, चतुर्थी तिथि, चित्रा नक्षत्र और मध्याह्र काल में हुआ था। इसके अलावा 31 अगस्त से 9 सितंबर तक गणेश उत्सव के बीच कई शुभ और मंगलकारी शुभ योग बनेगा।

 

08:45 AM, 31-Aug-2022
गणेश चतुर्थी 2021 शुभकामना संदेश - फोटो : Amar ujala

गणेश चतुर्थी वॉलपेपर और शुभकामना संदेश
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08:40 AM, 31-Aug-2022
गणेश चतुर्थी 2021 शुभकामना संदेश - फोटो : Amar ujala

अपने प्रियजनों को भेजें गणेश चतुर्थी के शुभकामना संदेश

गणेश चतुर्थी वॉलपेपर और  शुभकामना संदेश

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Ganesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर करें गणपति बप्पा के इन मंत्रों का जाप, हर विघ्न बाधा होगी दूर
 

08:34 AM, 31-Aug-2022
गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी देशवासियों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं

08:24 AM, 31-Aug-2022
- फोटो : अमर उजाला

भगवान गणपति पूजा की जरूरी बातें

- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश की पूजा में तुलसी नहीं अर्पित करनी चाहिए।
- गणपति की पूजा में शंख से जल कभी नहीं चढ़ाना चाहिए।
- भगवान गणपति की पूजा बिना दूर्वा घास और मोदक के अधूरी मानी जाती है।
- भगवान गणेश के प्रिय फूल हैं- गेंदा, गुलाब, कनेर, चंपा, शमी, दूर्वा, धतूरा और बिल्व पत्र 
- भगवान गणेश की पूजा के दौरान कभी काले रंग के वस्त्र नहीं पहनना चाहिए।
- जब भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना हो जाए तो कभी इसे एक जगह से दूसरी जगह नहीं करना चाहिए।

08:07 AM, 31-Aug-2022
Ganesh Chaturthi 2022 - फोटो : अमर उजाला

भगवान गणेश पूजा विधि


आज गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा करने से पहले गणपति के मंत्र बोलें

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥


अर्थ- घुमावदार सूंड वाले,विशालकाय शरीर,करोड़ों सूर्य के समान कीर्ति और तेज वाले, मेरे भगवान गणेश हमेशा मेरे सारे कार्य बिना बाधा के पूरे करें।

एकदन्तं महाकायं लम्बोदरगजाननम्ं।
विघ्नशकरं देवं हेरम्बं प्रणमाम्यहम्॥


अर्थ- जिनके एक दांत और सुंदर मुख है, जो शरण में आए भक्तों की रक्षा और प्रणतजनों की पीड़ा को नाश करने वाले हैं, उन शुद्ध स्वरूप आप गणपित को कई बार प्रणाम है।

गजाननाय पूर्णाय साङ्ख्यरूपमयाय ते ।
विदेहेन च सर्वत्र संस्थिताय नमो नमः ॥


अर्थ-  हे गणेश्वर ! आप गज के समान मुख धारण करने वाले, पूर्ण परमात्मा और ज्ञानस्वरूप हैं । आप निराकार रूप से सर्वत्र विद्यमान हैं, आपको बारम्बार नमस्कार है ।

 

07:58 AM, 31-Aug-2022
Ganesh Chaturthi 2022 - फोटो : अमर उजाला

गणेश जी की आरती 

जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

07:49 AM, 31-Aug-2022

ऐसी गणेश प्रतिमा की करें स्थापना

दांयी ओर घूमी हुई सूंड वाले गणेशजी हठी होते हैं आमतौर पर ऐसी प्रतिमा घर और ऑफिस में नहीं रखी जाती। इनको स्थापित करने पर कई धार्मिक रीतियों का पालन करना ज़रूरी होता है। ऐसी प्रतिमा को देवालयों में स्थापित करके वहीं उनकी पूजा की जाती है । ऐसे गणेशजी का पूजन विघ्न-विनाश, शत्रु पराजय, विजय प्राप्ति, उग्र तथा शक्ति प्रदर्शन जैसे कार्यों के लिए फलदायी माना जाता है। दायीं ओर घूमी हुई सूंड वाले गणेशजी सिद्धिविनायक कहलाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इनके दर्शन से हर कार्य सिद्ध हो जाता है। किसी भी विशेष कार्य के लिए कहीं जाते समय यदि इनके दर्शन करें तो वह कार्य सफल होता है व शुभ फल प्राप्त होता है।

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07:11 AM, 31-Aug-2022
Ganesh Chaturthi 2022 - फोटो : अमर उजाला

गणपति आराधना के लिए पूजा सामग्री

  • पीलावस्त्र
  • चंदन
  • पंचामृत
  • मौली
  • कलश
  • मेवा
  • तांबे का लोटा
  • पान के पत्ते
  • हल्दी
  • दूर्वा
  • जनेऊ
  • माला-फूल
  • इत्र
  • दीपक
  • धी
  • अक्षत
  • मोदक 
  • फल
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06:57 AM, 31-Aug-2022
Ganesh Chaturthi 2022 - फोटो : अमर उजाला

आज गणेश स्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त

आज गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना  और पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त है। सबसे अच्छा शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 20 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 20 मिनट का है। दोपहर में भगवान गणेश की पूजा और उपासना के लिए सबसे सर्वश्रेष्ठ समय होता है। इसलिए दोपहर के समय ही गणेश मूर्ति की स्थापना और पूजा करनी चाहिए। अगर किसी कारण से ऐसे संभव न हो तो दिन के शुभ लग्न और चौघड़िया मुहू्र्त में भगवान गणेश की स्थापना कर सकते हैं। 

06:22 AM, 31-Aug-2022

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Ganesh Chaturthi 2022 Muhurat Time Puja Vidhi, Wishes In Hindi: आज भाद्रपद चतुर्थी तिथि है और आज से गणेशोत्सव प्रारंभ हो चुका है। सिद्धिदाता, विध्नहर्ता, मंगलमूर्ति, सफलता,संपन्नता,सुख और शांति के सूत्रधार प्रथम पूजनीय भगवान गणपति की स्थापना के साथ पूजा-अर्चना शुरू हो गई। आज शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाएगी।

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