हिंदू पंचांग के अनुसार, आज कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दिवाली का त्योहार मनाया जा रहा है। दिवाली का यह त्योहारआज 04 नवंबर 2021 दिन गुरुवार को मनाया जा रहा है। इस दिन विशेष रूप से धन की देवी मां लक्ष्मी, शुभता प्रदान करने वाले भगवान गणेश और स्थाई संपत्ति के देव कुबेर जी का पूजन किया जाता है। पूजन में आरती का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इससे देवी-देवता प्रसन्न होते हैं। आप भी दिवाली पूजन पर यहां पढ़ सकते हैं लक्ष्मी जी, गणेश जी और कुबेर जी की आरती।
गणेश जी की आरती-
जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे,मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े,और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे,संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत,कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत,निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥
गणपति महाराज की जय।।