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Chaturmas 2024: चातुर्मास हुआ शुरू, जानें क्या करें और क्या न करें

Wed, 17 Jul 2024 05:46 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chaturmas 2024: हिंदू धर्म में चातुर्मास को बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इस अवधि से विष्णु जी योग निद्रा में चले जाते हैं, और उनका शयन काल शुरू हो जाता है। विष्णु जी का ये शयन काल चार महीने तक चलता है, जिसे चातुर्मास कहते हैं। 
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17 जुलाई 2024 से चातुर्मास की शुरुआत हो चुकी है - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Chaturmas 2024: 17 जुलाई 2024 से चातुर्मास की शुरुआत हो चुकी है। हिंदू धर्म में चातुर्मास को बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इस अवधि से विष्णु जी योग निद्रा में चले जाते हैं, और उनका शयन काल शुरू हो जाता है। विष्णु जी का ये शयन काल चार महीने तक चलता है, जिसे चातुर्मास कहते हैं। इसका समापन कार्तिक मास में आने वाली देवउठनी एकादशी के दिन होता है। विष्णु जी के योग निद्रा में होने के कारण इस दौरान पूरी सृष्टि का संचालन भगवान शिव के हाथों में होता है।

चातुर्मास में भगवान शिव का प्रिय माह सावन भी पड़ता है। ऐसे में उनकी पूजा अर्चना करने पर शुभ परिणामों की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शादी, ब्याह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे कार्यों को करने की मनाही होती है। हालांकि पूजा पाठ और दान पुण्य से जुड़े कार्य करने पर भाग्य वृद्धि के योग बनते हैं। लेकिन इस दौरान कुछ खास कार्यों को करने की मनाही होती है। आइए इनके बारे में जान लेते हैं।

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चातुर्मास में क्या करना चाहिए?
  • चातुर्मास में महादेव पूरी सृष्टी की कमान संभालते हैं। ऐसे में महादेव की पूजा अर्चना करनी चाहिए। इसके अलावा सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने से लाभ के योग बनते हैं। 
  • चातुर्मास के समय रोजाना जल्दी उठकर श्री हरि विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इस दौरान विष्णु सहस्रनाम और शिव चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।
  • इस दौरान व्यक्ति को अन्न और वस्त्र का दान करना चाहिए। इसके अलावा दीप दान करना भी शुभ होता है। 
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चातुर्मास में व्यक्ति को फर्श पर सोना चाहिए। मान्यता है कि जमीन पर सोने से सभी देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है।
  • इस दौरान योग-ध्यान करने का भी विधान है। साथ ही कुछ शक्तिशाली मंत्रों का जाप करना चाहिए। इससे सकारात्मकता बनी रहती है। 
 
चातुर्मास में क्या नहीं करना चाहिए?
 
  • चातुर्मास में कभी भी सगाई, मुंडन, नामकरण, गृह प्रवेश और शादी जैसे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए। इसके अलावा दही, मूली, बैंगन और साग का सेवन न करें, इन्हें खाना वर्जित माना जाता है।
  • चातुर्मास के दौरान किसी का अपमान न करें, और न ही किसी से लड़ाई झगड़ा करना चाहिए।
  • इस दौरान तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा चातुर्मास में किसी नए काम की भी शुरुआत न करें।
  • चातुर्मास में ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे किसी को दुख पहुंचें। 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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