गणेश जी और मां दुर्गा पंचदेवों में शामिल हैं। गणपति जी सर्वप्रथम पूजनीय देवता माने गए हैं। ऐसे में नवरात्रि के दौरान विनायक चतुर्थी पर व्रत और पूजन करने से जातक की रोग, दोष, दुख, दरिद्रता दूर होती है।
Ashwin Vinayak Chaturthi 2023: नवरात्रि में आने वाली विनायक चतुर्थी बहुत खास मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन गणपति और मां दुर्गा की चौथी शक्ति कूष्मांडा की पूजा करने से बुध ग्रह से संबंधी दोष दूर होते हैं। साथ ही करियर में तरक्की मिलती है। शास्त्रों के अनुसार कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश जी को समर्पित है, क्योंकि इस तिथि के स्वामी गौरी पुत्र गणेश हैं। अश्विन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है।
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अश्विन विनायक चतुर्थी 2023 तिथि
अश्विन विनायक चतुर्थी 18 अक्टूबर 2023, बुधवार को है। इस दिन तुला संक्रांति भी मनाई जाएगी। नवरात्रि में बुधवार के दिन विनायक चतुर्थी का संयोग व्रती को विशेष लाभ देगा। गणपति की पूजा से वाणी, बुद्धि में वृद्धि होगी।
अश्विन विनायक चतुर्थी 2023 मुहूर्त
पंचांग के अनुसार 17 अक्टूबर 2023 को प्रात: 01:26 मिनट से अगले दिन 19 अक्टूबर 2023 को प्रात: 01: 12 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार गणपति की पूजा 18 अक्टूबर को की जाएगी।
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गणेश पूजा समय -18 अक्टूबर 2023, प्रातः 10:58 - दोपहर 12:15
नवरात्रि में विनायक चतुर्थी का महत्व
गणेश चतुर्थी हिंदुओं के लिए अत्यधिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखती है। माना जाता है कि भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र भगवान गणेश अपने भक्तों को ज्ञान, सफलता और सौभाग्य का आशीर्वाद देते हैं। भक्त कोई भी काम, परीक्षा, शादी या नया काम शुरू करने से पहले भगवान गणेश का आशीर्वाद लेते हैं। गणेश जी और मां दुर्गा पंचदेवों में शामिल हैं। गणपति जी सर्वप्रथम पूजनीय देवता माने गए हैं। ऐसे में नवरात्रि के दौरान विनायक चतुर्थी पर व्रत और पूजन करने से जातक की रोग, दोष, दुख, दरिद्रता दूर होती है। विनायक चतुर्थी पर गणपति के सिद्धि विनायक रूप की पूजा करने से बुद्धि, सिद्धि, ज्ञान और ऐश्वर्य का आशीष मिलता है।