प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार पर नकेल कसने को जल्द युवा नवजीवन बोर्ड गठित किया जाएगा। यह बोर्ड प्रदेश में मादक पदार्थों के प्रयोग की रोकथाम तथा नशाग्रस्त युवाओं के नशामुक्ति और पुनर्वास के लिए प्रभावी नीतियां बनाएगा और इनकी मॉनीटरिंग करेगा।
यह जानकारी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधायक सुखविंद्र सुक्खू और रामलाल ठाकुर के सवाल के लिखित जवाब में दी। बताया कि आईजी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष कार्यदल बनाया जाएगा।
यह पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ तालमेल बनाकर नशे के खिलाफ कार्रवाई करेगा। तस्करी पर नकेल कसने को हाई तकनीक के सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। एनडीपीएस एक्ट में संशोधन कर इसे गैर जमानती बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
संशोधन को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही लागू कर दिया जाएगा। नशे की खेती को उखाड़ने, नशे की जद में आ चुके युवाओं को बचाने के लिए नशा निवारण केंद्र खोलने तथा इस संबंध में नीति बनाने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। सीएम ने बताया कि पिछले एक साल में विभिन्न मादक पदार्थों से जुड़े 1350 मामले दर्ज किए गए।
साथ ही प्रदेश में एक साल में 455 किलो चरस, 7 किलो अफीम, 7.9 किलो हेरोइन, 21 किलो गांजा समेत बड़ी मात्रा में अन्य तरह के नशीले पदार्थ पकड़े गए हैं। बताया कि इन मामलों में 883 मामले अदालतों में विचाराधीन हैं, जबकि 437 मामलों की पुलिस जांच कर रही है। 21 मामलों में आरोपियों को सजा भी हो चुकी है।