कौशल विकास निगम और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी ने हिमाचल के युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। एचपीकेवीएन की प्रबंध निदेशक कुमुद सिंह और आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने एचपीकेवीएन के शिमला स्थित कार्यालय में एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी ने हिमाचल के युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। एचपीकेवीएन की प्रबंध निदेशक कुमुद सिंह और आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने एचपीकेवीएन के शिमला स्थित कार्यालय में एमओयू पर हस्ताक्षर किए। प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य रूप से आवासीय होगा। राज्य के 500 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।
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एचपीकेवीएन और आईआईटी मंडी उद्योग की मांगों के अनुरूप प्रशिक्षण मानकों को ध्यान में रखते हुए एक दूसरे की विशेषताओं का लाभ उठाकर सर्वोत्तम प्रशिक्षण देने की दिशा में काम करेंगे। दोनों पक्ष स्किल इंडिया प्रोजेक्ट के जनादेश को हासिल करने के उद्देश्य से अनुपूरक के तौर पर काम करेंगे। समझौता ज्ञापन में शामिल 6 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम हैं। सभी पाठ्यक्रमों की अवधि एक महीने की है। प्रबंध निदेशक ने कहा कि चयनित उम्मीदवारों के लिए प्रशिक्षण निशुल्क होगा। बीई, बीटेक, बीसीए, एमएससी, एमसीए, आईटी के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य रूप से आवासीय होगा।
राज्य के 500 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। जून के पहले सप्ताह से एचपीकेवीएन और आईआईटी मंडी 100 उम्मीदवारों के लिए रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर स्कूल कैंपस आयोजित किए जाएंगे। समर कैंप छात्रों को रोबोटिक्स और एआई सीखने का मौका देगा। उन्हें आईआईटी के उत्कृष्ट मेंटर्स पढ़ाएंगे। छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण किट दी जाएगी। ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा गणित, भौतिकी और सामान्य योग्यता पाठ्यक्त्रस्म के आधार पर करवाई जाएगी। योग्यता परीक्षा के आधार पर शिविर का हिस्सा बनने के लिए 100 शीर्ष छात्रों का चयन किया जाएगा।