अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई के शीर्ष पद से हटाए जाने के तत्काल बाद युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने कड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि अब जनता से बर्खास्तगी का इंतजार करें। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द जनता न केवल अनुराग बल्कि धूमल एंड संज को प्रदेश की राजनीति से बर्खास्त कर देगी।
उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर के कारण आज प्रदेश का सिर शर्म से झुक गया है। यह बात साबित हो गई है कि अनुराग ने झूठा हलफनामा कोर्ट में पेश किया था और साथ ही झूठे खिलाड़ी बनकर पद पाया था। सच्चाई सामने आने के बाद अब अनुराग को बतौर सांसद भी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए, वरना वह दिन दूर नहीं जब जनता खुद उनसे यह भी छीन लेगी।
विक्रमादित्य ने कहा कि कुछ दिन पहले भाजपा ने अनुराग को युवा मोर्चा के अध्यक्ष पद से हटाया था और अब कोर्ट ने बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटा दिया है। इससे साफ है कि अनुराग हर जगह झूठ का सहारा लेकर पहुंचे थे, जिसके चलते अब उन्हें बारी-बारी बर्खास्तगी का सामना करना पड़ रहा है।
यूथ कांग्रेस ने फूंका अनुराग का पुतला, कहा-इस्तीफा दें सांसद
युवा कांग्रेस शिमला शहरी और ग्रामीण ने बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद अनुराग ठाकुर से सांसद पद से भी इस्तीफा देने की मांग की है। सोमवार को यूथ कांग्रेस ने अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद राजीव भवन के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान अनुराग ठाकुर का पुतला भी फूंका गया।
यूथ कांग्रेस शिमला शहरी के अध्यक्ष आकाश सैणी ने कहा कि झूठा हल्फ नामा देने वाला व्यक्ति जनता का प्रतिनिधि नही हो सकता। सच्चाई सामने आने के बाद अब अनुराग ठाकुर को बतौर सांसद पद से भी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।
आकाश सैणी ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने पहले हिमाचल प्रदेश में क्रिकेट के नाम पर गोरखधंधा किया और इसी धंधे को बीसीसीआई में करने लगे तो वहां भी हिमाचल का नाम बदनाम किया। उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर अपनी उल्टी गिनती शुरू कर लें क्योंकि युवा मोर्चा के अध्यक्ष के बाद अब बीसीसीआई से भी उनकी छुटटी हो चुकी है।
क्रिकेट कानून से बड़ा नहीं : मुकेश अग्निहोत्री
उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अनुराग ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट की ओर से बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटाए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से यह साबित हो गया कि क्रिकेट कानून से बड़ा नहीं है। अग्निहोत्री सोमवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने नोट बंदी को देश में मोदी सरकार की अघोषित आर्थिक एमजेंसी करार दिया। उन्होंने कहा है कि ऐसा करते हुए न तो संसद को, न ही केंद्रीय मंत्रिमंडल को सूचना देना मुनासिब समझा गया और न ही विश्वास में लिया गया।
विमुद्रीकरण पर कांग्रेस पार्टी की ओर जिला स्तरीय प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि नोटबंदी से जनता व आम आदमी को होने वाली परेशानियों का भी मोदी सरकार ने कोई ख्याल नहीं रखा और पूरा देश कतारों में लगा रहा।