युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह समेत उनके तमाम परिजनों के खिलाफ चल रहे मनी लांड्रिंग के तमाम मामले मात्र राजनीति से प्रेरित हैं। ईडी मात्र केंद्र सरकार के इशारे पर उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में ला रहा है। प्रवर्तन निदेशालय वित्त मंत्री अरुण जेटली के हाथों की कठपुतली बनकर काम कर रहा है।
विक्रमादित्य मंगलवार को ऊना विश्राम गृह में प्रेसवार्ता में बोले रहे थे। उन्होंने प्रेम कुमार धूमल और अरुण धूमल पर निशाना साधते हुए कहा कि एक गैर राजनीतिक व्यक्ति कुछ दिन बाद ऊना में आकर उनके परिवार के खिलाफ बयानबाजी कर जाता है। जबकि, आरोप लगाने वाले व्यक्ति को अपनी और अपने परिवार के बारे में भी ध्यान देना चाहिए।
इनके पिता जालंधर मे एक निजी कॉलेज के प्राध्यापक हुआ करते थे, लेकिन आज यह परिवार करोड़ों का मालिक कैसे बन बैठा। उन्होंने कहा कि उक्त व्यक्ति के पिता की प्रोफेसर की डिग्री का भी पता नहीं है कि असली है या नकली। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान को हिमाचल में आगामी विस चुनावों के मद्देनजर सीएम वीरभद्र सिंह को फ्री हैंड देना चाहिए।
इसके लिए प्रदेश युवा कांग्रेस बाकायदा प्रस्ताव पारित कर कांग्रेस हाईकमान को भेजेगी। वीरभद्र सिंह पूरे प्रदेश में सर्वमान्य नेता हैं, इसलिए उन्हें प्रदेश के किसी भी विस क्षेत्र से चुनाव लड़वाया जा सकता है।
उन्होंने परिवहन मंत्री जीएस बाली द्वारा वीआईपी कल्चर को छोड़ने को सराहनीय कदम करार दिया। लेकिन, उन्होंने इसके समय पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह चुनावी साल है। ऐसे में इस समय पर बाली ने यह कदम उठाकर भाजपा को हो हल्ला करने का मौका दे दिया है।