पवित्र रिवालसर झील के पानी का रंग बदलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अभी तक पानी के रंग बदलने के कारणों का पता नहीं चल सका है। मंगलवार को मामले की जानकारी के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी मौके से नदारद रहे जिससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति रोष है। मामले में एडीसी मंडी हरिकेश मीणा की अध्यक्षता में बैठक होगी।
डेवलपमेंट एक्शन ग्रुप के प्रधान नरेश कुमार की गैर सरकारी संस्था की ओर से झील के पानी के सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, लोग झील के पानी का रंग बदलने को लेकर विभिन्न कयास लगा रहे हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष लाभ सिंह ठाकुर, महेंद्र पाल, सागर कमल, मीना गुप्ता, रोजी सोनी, लीला वशिष्ठ, विजय कुमार, सुनीता गुप्ता, अनिल गुप्ता, संजय कुमार, चेत राम, कौशल्या देवी, पवन ठाकुर सहित अन्य लोगों ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि झील के पानी का रंग बदला हुआ है।
झील के साथ छेड़छाड़ भी इसका बड़ा कारण है। लोगों का कहना है कि मामले की प्रशासन को सूचना थी। इसके बावजूद मंगलवार को प्रशासन की ओर से मौके पर नहीं पहुंचा। मामले में वन मंडल अधिकारी मंडी राकेश कुमार ने मामले की जल्द ही जांच करवाने की बात कही है। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कल नगर पंचायत के सभागार में अतिरिक्त उपायुक्त हरिकेश मीणा की अध्यक्षता में कल 11 बजे एक मीटिंग बुलाइ गई है।
झील की गहराई में कमी व गाद में मछलियों की हरकत की आशंका
झील में जमी गाद के कारण झील की गहराई में कमी आई है। इस कारण कयास लगाए जा रहे हैं कि मछलियों की हरकत के कारण भी झील का पानी मटमैला हो सकता है। हालांकि, मामले में जांच के बाद भी पानी के रंग बदलने के कारणों का पता चल सकेगा।