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आपकी सतर्कता ही साइबर क्राइम से बचाएगी, भूलकर भी न करें ये 11 गलतियां

Sat, 12 Oct 2019 10:25 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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साइबर क्राइम(सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
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हिमाचल में बढ़ रहे साइबर अपराधों को रोकने के लिए हिमाचल पुलिस ने आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। डीजीपी सीताराम मरडी की ओर से जारी एडवाइजरी में लोगों को साइबर अपराध से बचने के टिप्स दिए गए हैं।

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साथ ही अपराध घटित होने पर उठाए जाने वाले कदमों के बारे में बताया गया है। पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता व एसपी कानून व्यवस्था डॉ. खुशहाल शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ समय में साइबर अपराध के काफी मामले सामने आए हैं।

ज्यादातर मामलों की जांच में शिकायतकर्ता की कमी मिली जिसकी वजह से धोखाधड़ी करने वाले पैसा हड़पने में कामयाब हो गए। इसी को देखते हुए अब आम लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने व उन्हें सचेत करने के लिए यह एडवाइजरी जारी की गई है।
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कहा कि खाते से किसी भी गैरकानूनी लेन-देन की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस मुख्यालय स्थित सीआईडी की साइबर क्राइम विंग को लैंड लाइन नंबर 01772620331, टोल फ्री नंबर 155260 और ई मेल आईडी cybercrcell-hp@nic.in पर सूचित करें। इसके अलावा मोबाइल नंबर 9805953670 पर कभी भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। 

क्या करें 

- क्रेडिट या डेबिट कार्ड किसी को भी भुगतान करने के लिए न दें
- अनाधिकृत लेनदेन होने पर संबंधित बैंक शाखा में 48 घंटे के भीतर डिस्प्यूट फार्म भरें।
- एटीएम, दुकानों, शापिंग मॉल, पेट्रोल पंप पर क्रेडिट या डेबिट कार्ड का उपयोग करते समय सबके सामने पिन नंबर दर्ज न करें।
- कार्ड का उपयोग होने पर अगर एसएमएस मिलता है तो बताए गए विशेष नंबर पर तुरंत संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
- बैंक खाते के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर अचानक बंद हो तो संबंधित टेलीकॉम कंपनी व बैंक से तुरंत संपर्क करें।
- अनाधिकृत लेनदेन की जांच करने के लिए नियमित अंतराल पर अपने क्रेडिट-डेबिट कार्ड स्टेटमेंट की निगरानी करें।
- स्किमर्स के लिए एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट की जांच करें।
- अंतरराष्ट्रीय लेन-देन के लिए इंटरनेट बैंकिंग के आटो मोड को डिसेबल करें।
- टोल फ्री नंबर के नाम पर कॉलबैक आने पर सचेत रहें, ग्राहक को स्वयं टोल फ्री नंबर पर कॉल करना होता है।
- अपने बचत खातों में भारी राशि रखने के बजाय फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रख सकते हैं। 
- पासबुक पर दर्ज हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से ही बैंक से संपर्क करें, गूगल खोज पर उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर पर भरोसा न करें। 
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क्या न करें

साइबर क्राइम
- अपना ओटीपी और एटीएम पिन किसी के साथ साझा न करें।
- सोशल मीडिया एप्लीकेशन के जरिये किसी से कार्ड का विवरण सांझा न करें।
- मोबाइल, लैपटॉप, पीसी, टैब आदि में अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड का विवरण, पिन आदि न रखें।
- डेबिट कार्ड व पिन प्राप्त एक साथ न रखें।
- कस्टमर केयर के नाम पर आने वाले फोन पर अपनी जानकारी साझा न करें।
- संदिग्ध शॉपिंग साइट से ऑनलाइन खरीददारी न करे।
- भुगतान उद्देश्यों के लिए अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड को अजनबियों को न सौंपें।
- भीड़ वाले एटीएम से पैसे निकालने से बचें। 
- अजनबियों के साथ अपने पहचान संबंधित दस्तावेज साझा न करें।
- सोशल नेटवर्किंग साइट या एप्स के आधार पर लोगों से दोस्ती व भरोसा न करें।
- वैवाहिक साइटों और अन्य सामाजिक साइटों पर लोगों द्वारा दी गई जानकारी पर विश्वास न करें
 
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