बहुभाषी कहानी पाठ सत्र
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गेयटी थियेटर में उन्मेष उत्सव के तहत आयोजित बहुभाषी कहानी पाठ सत्र की अध्यक्षता मंजुला राणा ने की। इसमें साहित्यकार केशव ने वर्तमान संदर्भ में वृद्धों की स्थिति का चित्रण किया और समाज के भयावह दौर से रूबरू किया। मदन गोपाल ने आरती प्रियदर्शिनी की गली और सादिक हुसैन ने लाफिंग इंडिया कहानी सुनाई। लीना शर्मा, मनु बालिगर और वर्षा अडालजा ने भी रचना पाठ किया। दोपहर के सत्र में आस्था का गायन: भारत में भक्ति साहित्य सत्र की अध्यक्षता रामजी तिवारी ने की।
साहित्यकार अर्शिया सेठी, एमए आलवार, एमएस आशादेवी, नंद किशोर पांडेय, प्रणव खुल्लर और वीरसागर जैन बतौर प्रतिभागी शामिल हुए। अंतिम सत्र में बहुभाषी कविता-पाठ सत्र की अध्यक्षता सुबोध सरकार ने की। साहित्यकार अग्निशेखर, अमरनाथ अमर, गौरी शंकर रैणा, मनोज चावला, मुकुल कुमार, राजू राम बिजारणिया, रमेश चंद मस्ताना और सिबाशीष मुखोपाध्याय ने रचना पाठ किया। कविता पाठ सुनने के लिए सभागार में बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।