45.54 करोड़ से बन रही हैं तीन पार्किंग
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के पास बन रहीं तीन बहुमंजिला पार्किंग के निर्माण कार्य में लगातार देरी हो रही है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 45.34 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2022 में तीन पार्किंग का निर्माण कार्य शुरू किया था लेकिन निर्माण कार्य अब तक निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हो सका है। आईजीएमसी में इमरजेंसी के पास, ऑकलैंड टनल के पास और मेडिकल काॅलेज के पास पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य की धीमी गति और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक बाधाओं के कारण अब इसके जून 2026 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। पार्किंग स्थल का निर्माण कार्य कई सालों से चल रहा है लेकिन अब तक इसकी धरातल मंजिल भी पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। आईजीएमसी के पास अभी कोई पार्किंग नहीं है और लोगों को सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी करनी पड़ती हैं।
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आईजीएमसी में पार्किंगों का निर्माण कार्य पूरा होने पर करीब 1000 गाड़ियों को पार्किंग की सुविधा मिलेगी। प्रदेश हाईकोर्ट ने निर्माण कार्य की धीमी गति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने ठेकेदार कंपनी को पर्याप्त मशीनरी और मानव संसाधन लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि परियोजना को निर्धारित समय में पूरा किया जा सके। इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को आईजीएमसी के आसपास ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया है।
पार्किंग की कमी के चलते झेलनी पड़ती हैं दिक्कतें
पार्किंग की कमी के कारण, मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल के गेट के पास ही गाड़ियां खड़ी करनी पड़ती हैं जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा होती हैं। कई बार सड़कों पर खड़ी गाड़ियों का चालान भी काटा जाता है, जिससे लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजेश वर्मा ने बताया कि अगले सल तक पार्किंग का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।