हिमाचल प्रदेश चुनाव आयोग ने चुनाव अधिकारी की कोताही पर कड़ा नोटिस लिया है। चुनाव अधिकारी पर प्रत्याशियों के नामांकन गलत तरीके से रद्द करने का आरोप है। मामला चुनाव आयोग के संज्ञान में लाया गया है। इतना ही नहीं, पंचायत प्रतिनिधि को निर्विरोध घोषित कर दिया गया, जबकि संबंधित पंचायत में प्रधान पद के लिए अभी तक चुनाव नहीं हुआ है। शिमला जिले के चुनाव पर्यवेक्षक ने भी इस गंभीर मामले में चुनाव आयोग को रिपोर्ट सौंप दी है। राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार शिमला के टुटू क्षेत्र की एक पंचायत में चुनाव अधिकारी की कोताही नामांकन पत्रों की छंटनी के समय सामने आई है। उक्त चुनाव अधिकारी ने पंचायत को निर्विरोध घोषित करने के लिए यह कारनामा किया है। जिन प्रत्याशियों के नामांकन छोटी-छोटी त्रुटियों को लेकर रद्द किए गए, उन्होंने यह मामला पहले चुनाव पर्यवेक्षक से उठाया। इसके बाद चुनाव आयोग के सामने रखा।