अधिकारियों की ओर से कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए राजस्व दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। खली ने आरोप लगाया कि पांवटा साहिब में ऐसे अफसर बैठे हैं, जिन्हें लगता है कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। सारा पांवटा साहिब बेच दिया गया है। उनके साथ ही सूरजपुर की रहने वाली परमजीत कौर ने बताया कि उनकी 12 बीघा 16 बिस्वा जमीन है। इस जमीन को हेराफेरी कर किसी ओर के नाम कर दिया गया है और उस पर 14 लाख रुपये लोन भी ले लिया गया है। कागजों में यह लिख दिया गया है कि वह लोग गांव छोड़कर चले गए हैं। वहीं बद्रीपुर भाटांवाली की रहने वाली मनजीत कौर ने बताया कि उनकी यहां 25 बिस्वा जमीन है। अब उनका रास्ता बंद कर दिया गया है। जसवीर कौर ने कहा कि उनकी 7 बीघा 13 बिस्वा जमीन है और वह 30 साल से खेतीबाड़ी कर रही हैं। अब उन्हें कहा जा रहा है कि उनकी जमीन वहां नहीं खड्ड में हैं। सूरजपुर गांव के नंबरदार बलविंद्र सिंह ने कहा कि अब जिन लोगों की यहां पर जमीन बताई जा रही है, उन्होंने कभी उन्हें देखा तक नहीं है। कागजों में जब जमीन खरीदने के बारे में दर्शाया गया है, तब उन्हें न बुलाकर दूसरे गांव के नंबरदार को बुलाया गया है, जो कि नियमों के खिलाफ है।
मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे पूरा मामला: खली
खली ने उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि इस मामले की जांच के लिए गठित की गई कमेटी को भी बदला जाए और ईमानदार अधिकारियों की एक नई टीम गठित कर पूरे गड़बड़झाले का खुलासा किया जाए। इस मामले में उन्होंने तहसीलदार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिलेंगे और जांच की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रशासन की मदद से उन्हें डराया और धमकाया जा रहा है।