इस पर मुख्य अध्यापक ने एमडीएम कर्मी को कड़ी फटकार लगाई और भोजन को फिंकवा दिया। भोजन में कीड़े होने का पता बड़ी कक्षाओं की छात्राओं को लगा। जब तक उन्हें इस बात का पता चला तब तक कुछ छात्राएं भोजन खा भी चुकी थीं।
ऐसे में शेष बची छात्राएं भूखे ही अपने घर लौट गईं। घर आकर छात्राओं ने इसकी शिकायत अपने अभिभावकों से की। इस पर अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन की इस लापरवाही पर कड़ा रोष जाहिर किया।
इसकी शिकायत शनिवार को उच्चाधिकारियों से करने की भी बात कही। अभिभावक इंद्र प्रकाश गोयल ने कहा कि स्कूलों में इस तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। भोजन बनाने से पहले शिक्षकों को इसकी उचित जांच करनी चाहिए। ऐसी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
उधर, कन्या उच्च पाठशाला ददाहू के मुख्य अध्यापक संजय पासी ने बताया कि कुछ छात्राओं की शिकायत मिलते ही भोजन का निरीक्षण किया गया। चावलों में कीड़े दिखाई दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में शनिवार को एसएमसी की बैठक बुला ली गई है। इसमें मामले को लेकर चर्चा की जाएगी।