हिमाचल प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू का पर्यावरण पर एक बार फिर सकारात्मक असर देखने को मिला है। कोरोना कर्फ्यू के दौरान प्रदेश की राजधानी हिल्स क्वीन शिमला और सैलानियों के पसंदीदा शहरों में एक मनाली की आबोहवा की शुद्धता में कोरोना कर्फ्यू से पहले के हालात की तुलना में इजाफा हुआ है। मनाली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) प्रदेश में सबसे शुद्ध, जबकि शिमला के वायु प्रदूषण में दोगुना सुधार हुआ। यहां तक कि औद्योगिक क्षेत्रों पांवटा साहिब, कालाअंब, बद्दी, नालागढ़, परवाणू, सुंदरनगर और ऊना में भी हवा की गुणवत्ता अप्रैल 2021 की तुलना में बेहतर हुई है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डा. निपुण जिंदल ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के राष्ट्रीय व्यापक हवा गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 11 शहरों की हवा की गुणवत्ता की निगरानी की जा रही है। राज्य बोर्ड ने इसी क्रम में प्री कोरोना कर्फ्यू और कोरोना कर्फ्यू के दौरान हवा की गुणवत्ता की निगरानी की।