प्रदेश के 83 फीसदी बुजुर्ग समाज के दुर्व्यवहार के शिकार हैं। बुधवार को वर्ल्ड एल्डर एब्यूज अवेयरनेस डे पर जारी हुई हेल्पएज इंडिया की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शिमला में रिपोर्ट को जारी किया।
हिमाचल प्रदेश के 83 फीसदी बुजुर्ग समाज के दुर्व्यवहार के शिकार हैं। बुधवार को वर्ल्ड एल्डर एब्यूज अवेयरनेस डे पर जारी हुई हेल्पएज इंडिया की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शिमला में रिपोर्ट को जारी किया। राजधानी शिमला में रहने वाले प्रदेश के सभी 12 जिलों के 200 परिवारों पर सर्वे करने के बाद के बाद यह रिपोर्ट जारी की गई। हेल्पएज इंडिया के हिमाचल प्रमुख डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि 15 जून को वर्ल्ड एल्डर एब्यूज अवेयरनेस डे मनाया जाता है। इसी कड़ी में बुधवार को यह रिपोर्ट जारी की गई। सर्वे में 37 फीसदी बुजुर्गों ने बताया कि वे आय के स्रोत के लिए पेंशन जबकि 19 फीसदी परिवार पर निर्भर हैं। कोविड महामारी के 65 फीसदी बुजुर्ग काम नहीं कर पा रहे हैं।
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45 फीसदी बुजुर्गों ने फर्क फ्राम होम को सबसे बेहतर साधन के रूप में सुझाया। बुजुर्गों की देखभाल में परिवार की भूमिका बारे 67 फीसदी बुजुर्गों ने कहा कि उनका परिवार उन्हें अच्छा भोजन प्रदान करता है। 48 फीसदी ने कहा कि उनका परिवार चिकित्सा खर्च उठाते हैं। 83 फीसदी बुजुर्गों को लगता है कि समाज में बुजुर्गों के दुर्व्यवहार प्रचलित है। केवल चार फीसदी बुजुर्गों ने बड़े दुर्व्यवहार का शिकार होने की बात स्वीकारी है। इसके लिए 29 फीसदी रिश्तेदारों, 72 फीसदी बेटों और 14 फीसदी बहुओं को जिम्मेवार ठहराया गया है। दुर्व्यवहार सहन करने वालों में से 43 फीसदी ने कहा कि उन्होंने प्रतिक्रिया के रूप में परिवार से बात करना बंद कर दिया। 66 फीसदी बुजुर्गों को लगता है कि परिवार उनके साथ पर्याप्त समय नहीं बिताता है।