धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर का मुख्य कारण है। एक अध्ययन के अनुसार 80 फीसदी मामलों में फेफड़ों के कैंसर का यही कारण सामने आया। डॉक्टरों के मुताबिक धूम्रपान में मौजूद हानिकारक रसायन जैसे कि टार, निकोटिन, और कार्बन मोनोक्साइड व्यक्ति के फेफड़े की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और कैंसर के विकास को बढ़ावा को देते हैं। रेडियोथैरेपी विभाग के असिस्टेंट प्रो. डॉ. ललित चंद्रकांत ने बताया कि महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में यह बीमारी अधिक होती है।
पहले स्टेज में कैंसर की पहचान होने पर इलाज की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। जब कैंसर की बीमारी शुरुआती चरण में पकड़ी जाती है, तो इलाज के विकल्प अधिक होते हैं और इनका प्रभाव भी बेहतर होता है। इस प्रकार, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसे उपकरणों का उपयोग अब कैंसर के इलाज में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं। -डॉ. मनीष गुप्ता, रेडियोथैरेपी विभागाध्यक्ष, आईजीएमसी