दो हफ्ते में फैसला न लिया तो हड़ताल पर जाएंगे राजधानी में सफाई का जिम्मा संभाल रहे सैहब कर्मचारी
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कालीबाड़ी हॉल में हुई बैठक में बनाई आंदोलन की रणनीति अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी की सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे सैहब सोसायटी के कर्मचारियों ने नगर निगम को दो हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है। यदि दो हफ्ते के भीतर कर्मचारियों को दस फीसदी वेतन बढ़ोतरी देने पर फैसला न लिया तो यूनियन हड़ताल पर चली जाएगी।
सीटू के बैनर तले बुधवार को कालीबाड़ी हॉल में सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन की बैठक हुई। इसमें सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि सैहब सोसायटी के कर्मचारी ईमानदारी से काम करते हैं। शहर को साफ सुथरा रखने में इनका अहम योगदान है। यह कर्मचारी बेहद कम तनख्वाह पर काम कर रहे हैं। नगर निगम इन्हें हर साल दस फीसदी की वेतन बढ़ोतरी देता था लेकिन इसे भी अब रोका जा रहा है। शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह की अध्यक्षता में हुई एजीएम की बैठक में यह कर्मचारी विरोधी फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम को इन कर्मचारियों की मदद करनी चाहिए लेकिन उल्टा अब कर्मचारी विरोधी फैसले लिए जा रहे हैं। सैहब सोसायटी कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि नगर निगम ने यदि उन्हें सालाना दस फीसदी की वेतन बढ़ोतरी नहीं दी तो कर्मचारी दो हफ्ते बाद हड़ताल पर चले जाएंगे। शहर में एक हजार से अधिक कर्मचारी सफाई के काम में लगे हैं। यह सभी मई के पहले हफ्ते में काम ठप कर देंगे। बैठक में हुए इस फैसले के बारे में वीरवार को नगर निगम को भी अवगत करवाया जाएगा। निगम को दो हफ्ते में इस पर फैसला लेने का समय दिया जाएगा।