आईजीएमसी शिमला में महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के लिए डिजिटल रिकॉर्ड और हीमोग्लोबिन जांच पर विशेष जोर दिया गया है। आधार नंबर से रिपोर्ट सीधे महिला की पहचान से जुड़ रही है। इससे एनीमिया जैसी समस्याओं की समय रहते पहचान और इलाज संभव होगा।
हीमोग्लोबिन की जांच पर दिया जा रहा विशेष जोर संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत आईजीएमसी शिमला में महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की नई व्यवस्था शुरू की गई है। अब हर महिला का आधार कार्ड नंबर दर्ज किया जा रहा है ताकि जांच रिपोर्ट डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ सके और भविष्य में भी स्वास्थ्य सेवाओं में इसका उपयोग हो सके। इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि जांच के बाद आने वाले परिणाम सीधे महिला के नाम और पहचान से जुड़े होंगे।
हर महिला को यह जानकारी मिल सकेगी कि उनके शरीर में कौन-सी वीटामिन की कमी है या समस्या है। विशेष रूप से हीमोग्लोबिन की जांच पर जोर दिया जा रहा है। एनीमिया महिलाओं में सबसे आम समस्या है, लेकिन अक्सर इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल पाती। महिलाओं को उनके हीमोग्लोबिन स्तर की सही रिपोर्ट मिलेगी तो वह आहार और उपचार के माध्यम से तुरंत सुधार की दिशा में कदम उठा सकेंगी। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार आधार नंबर नोट करने से दोहरा लाभ होरा। एक ओर महिलाओं को उनकी जांच का सटीक और व्यक्तिगत रिकॉर्ड मिलेगा वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के पास बड़े पैमाने पर आंकड़े इकट्ठा होंगे। इन आंकड़ों से यह आकलन करना आसान होगा कि महिलाओं में एनीमिया और अन्य बीमारियों की स्थिति कैसी है और किन क्षेत्रों में समस्या ज्यादा गंभीर है। लंबे समय में यह पहल न केवल महिलाओं की सेहत सुधारने में मदद करेगी बल्कि पूरे परिवार की सेहत पर भी सकारात्मक असर डालेगी।