पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को दिए गए 50 प्रतिशत आरक्षण के विरोध में हाईकोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई अब 30 नवंबर को होगी। यह याचिका न्याय आरक्षण मंच ने दायर कर रखी है। याचिकाकर्ता एवं मंच के प्रवक्ता रमेश भाऊ ने कहा कि आरक्षण न्याय मंच का गठन सरकारी क्षेत्र में बढ़ते आरक्षण के खिलाफ किया गया है और यह याचिका भी इसी कड़ी में दायर की गई है।
उन्होंने कहा कि पहले याचिका पर सुनवाई 24 नवंबर को होनी थी, लेकिन न्यायाधीश के अचानक अवकाश पर चले जाने के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि पंचायतों में सरकार की ओर से महिलाओं को दिया गया 50 प्रतिशत आरक्षण संविधान की मूल भावना और देश की सबसे बड़ी अदालत के आरक्षण संबंधी निर्देशों के खिलाफ है।
पंचायतों में 50 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण देने से पंचायतों के स्तर में गिरावट आई है। सरकार को महिला सशक्तिकरण के बहाने पंचायतों को कमजोर करने का षड्यंत्र बंद कर देना चाहिए। बहरहाल, अब प्रदेश हाईकोर्ट इस याचिका पर क्या फैसला देता है, इस पर सबकी निगाहें टिक गई हैं।