पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि कुछ महीने पहले उसकी एक अज्ञात शख्स से सोशल मीडिया पर पहचान हुई। शातिर ने खुद को इंग्लैंड का रहने वाला बताया। हालांकि महिला ने उससे दूरी बनाने की कोशिश की लेकिन साइबर ठग ने उसे किसी तरह से अपने झांसे में ले लिया। आरोपी ने बताया कि वह खुद इंग्लैंड से मुंबई गिफ्ट लेकर आ रहा है। यहीं से साइबर ठगों का खेल शुरू हुआ और उसे बताया कि मुंबई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग के अधिकारियों ने उसे रोक लिया है।
इसके बाद कस्टम अधिकारियों से उसकी बात करवाई गई और उसे बताया कि उसके नाम पर लाए जा रहे इस गिफ्ट में हवाला से जुड़ी रकम है और उसे इस मामले में कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। महिला इससे डर गई और उसने अपनी जिंदगी भर की पूंजी साइबर ठगों के खाते में डाल दी। यही नहीं महिला ने ठगों की मांग को पूरा करने के लिए परिचितों और रिश्तेदारों से भी पैसे उधार लिए लेकिन इसके बाद भी जब ठगों की मांग लगातार जारी रही तो उसने शिकायत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर की।
यहां साइबर हेल्प डेस्क के कर्मचारियों ने उसे बताया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गई है। महिला से औपचारिकताएं पूरी करवाने के बाद शिमला साइबर स्टेशन में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू की गई और ढाई लाख रुपये की रकम को होल्ड करवा लिया है। साइबर पुलिस के मुताबिक अभी वह लेयर पांच तक बैंक खातों की जांच कर रहे हैं और कोशिश है कि पीड़िता से ठगी गई रकम भी आने वाले दिनों में होल्ड करवाई जाए।
अधिकारी बनकर दिखाते हैं खौफ
साइबर ठग लोगों से ठगी करने के नए-नए हथकंडे अपनाते रहते हैं। इसमें सीबीआई कस्टम, आयकर विभाग और पुलिस के अधिकारी बनकर लोगों को डराया और धमकाया जाता है। लोगों को डिजिटल अरेस्ट और गिरफ्तारी के नाम पर डराकर लाखों रुपये की रकम ऐंठ ली जाती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के झांसों में न आएं और धोखाधड़ी होने पर फौरन साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।