उन्होंने कहा कि पीड़िता का उनके अस्पताल में ऑपरेशन संभव नहीं था, इसलिए मरीज को बडे़ अस्पताल के लिए रेफर किया गया। संजीवनी अस्पताल से रेफर रिपोर्ट में स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशानुसार एचआईवी पॉजिटिव का हवाला देना जरूरी था। डॉ. चिन्मय ने कहा कि महिला की मौत का मुख्य कारण समय पर आईसीयू उपलब्ध न होना रहा।
यदि आईसीयू समय पर मिला होता को शायद जान बच जाती। उन्होंने कहा कि कुछ नेता उनके अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मृत्यु प्रमाण पत्र में महिला की मौत के कारण स्पष्ट लिखे गए हैं। महिला की मौत एचआईवी पॉजिटिव का पता होने से नहीं, अन्य कारणों से हुई है।