हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने पर्यावरण संबंधी कानूनी जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान में 61 शहरी निकायों के 4,650 कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त समर्थन दिया है। 3,150 से अधिक स्वच्छता कर्मचारियों तथा लगभग 1,500 निकायों के कार्यकर्ताओं, अन्य हितधारकों, गैर सरकारी संगठनों सहित अन्य संस्थानों आदि के सहयोग से 109 टन कचरे का निस्तारण किया गया है। न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान के सक्षम और अभिनव मार्गदर्शन के तहत 18 मई, 2023 को यह अभियान शुरू किया गया था।
इसमें नगर पालिकाओं, स्थानीय निकायों, नगर परिषदों के स्वच्छता कर्मचारियों तथा कार्यकर्तायों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग, गैर सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और अन्य हितधारकों की भागीदारी से स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण को सुनिश्चित करने की पहल की गई थी। अभियान के दौरान शोघी में सड़क के किनारे पर एक हॉट स्पॉट से वहां फेंके गए टनों के हिसाब से कचरे को हटाने के लिए जेसीबी मशीन को लगाया गया था। इसके अतिरिक्त नदियों के किनारे, खड्डों, नालों, वन क्षेत्रों, सड़कों, पार्कों, पर्यटन स्थलों आदि से भी कचरा हटाया गया। कुछ स्थानों विशेष रूप से किन्नौर और चंबा जिलों में गैर सरकारी संगठन, स्वयं सहायता समूह, महिला स्वयंसेवी इस अभियान में शामिल होने के लिए आगे आए।
पहली जून से इस अभियान को राज्य भर में चलाया जाएगा। इसमें ग्राम पंचायतों, महिला मंडलों, युवक मंडलों, आंगनबाड़ी कार्यकर्तायों, स्वयं सहायता समूहों, गैर सरकारी संगठनों, सामाजिक संगठनों और अन्य स्वयं सेवकों की भागीदारी से सामुदायिक सफाई अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत पंचायत घरों, ग्राम सामुदायिक केंद्रों, महिला मंडल तथा युवक मंडल भवनों, आंगनबाड़ियों, वरिष्ठ नागरिक केंद्रों आदि की सफाई, गांव की गलियों, मंदिरों, खेल के मैदानों, खाली जगहों आदि से कबाड़ और कचरा उठाना, कुओं, तालाबों, जलाश्यों, पानी के टैंकों आदि की सफाई करने का लक्ष्य रखा गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रेम रांटा ने इस अभियान में बढ़-चढ कर भाग लेने की अपील की है।