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Himachal: आरडीजी खत्म पर केंद्रीय करों में हिमाचल की हिस्सेदारी 2,388 करोड़ बढ़ी, रेल विस्तार को 2911 करोड़

Tue, 03 Feb 2026 10:11 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

केंद्रीय करों की हिस्सेदारी में अगले वित्त वर्ष में राज्य के लिए अनुमानित 2,388 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। 
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Union Budget 2026 - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद कर केंद्र सरकार ने बेशक हिमाचल को झटका दिया है, लेकिन केंद्रीय करों में प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ गई है। केंद्रीय करों की हिस्सेदारी में अगले वित्त वर्ष में राज्य के लिए अनुमानित 2,388 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। केंद्र सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में भी सोमवार को स्पष्ट किया गया है कि कर हस्तांतरण में हिमाचल प्रदेश के लिए वर्ष 2026 27 में 13,949 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उधर, केंद्रीय बजट में उधर, केंद्रीय बजट में हिमाचल को रेल विस्तार के लिए 2,911 करोड़ मिले हैं। 16वें वित्त आयोग ने केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में 0.914 फीसदी की हिस्सेदारी तय की है। 15वें वित्त आयोग में यह 0.830 फीसदी तय थी। चालू वित्त वर्ष में प्रदेश को केंद्रीय करों में हिमाचल के हिस्से के रूप में 11,806.30 करोड़ मिलेंगे जबकि वर्ष 2024-25 में करीब 10124.81 करोड़ और 2023-24 में राज्य को 9,374.72 करोड़ रुपये मिले। नया फॉर्मूला लगने से अगले वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय करों में बढ़ोतरी स्वाभाविक है। बाकी यह कर एकत्रीकरण पर भी निर्भर करता है कि वास्तव में हिमाचल को कितनी रकम मिलेगी।

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अनुदान सहायता में 10,243 करोड़ व पुजीगत व्यय के लिए 8309 करोड़
केंद्र से अनुदान सहायता के रूप में हिमाचल प्रदेश को 2025-26 में 10,243 करोड़ का बजट आवंटित करने का प्रावधान किया गया है। पूंजीगत 13वां व्यय के लिए हिमाचल को 2020-21 से 2025-26 तक 8309 करोड़ मिलेंगे।
 

चार रेलवे स्टेशन अमृत योजना में: वैष्णव
 केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश को रेल विस्तार के लिए 2,911 करोड़ दिए गए हैं। यह राशि पूर्व में केंद्र में रही। कांग्रेस सरकार की ओर से दी राशि से 27 गुना अधिक है। यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में 17.711 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिससे राज्य में न केवल रेल नेटवर्क बेहतर होगा बल्कि लोगों को भी सफर में आसानी रहेगी। हिमाचल प्रदेश के चार रेलवे स्टेशन अमृत योजना में शामिल किए गए हैं। इस पर 46 करोड़ सखर्च किए जा रहे हैं। बैजनाथ-पपरीला और अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है। वैष्णव ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से रेल नेटवर्क के विस्तार में पर्याप्त सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सीएम से प्रोजेक्टों को पूरा करवाने में सहयोग की अपील की है। 

कब कितनी रही है हिस्सेदारी
वित्त आयोग    हिस्सेदारी      अवधि
16वां              0.914           2026-31
15 वां             0.83             2021-26
14वां              0.71             2015-20
13वां              0.78            2010-15  
12वां              0.52            2005-10
11वां              0.68            2000-05

चार रेलवे स्टेशन अमृत योजना में: वैष्णव
 केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश को रेल विस्तार के लिए 2,911 करोड़ दिए गए हैं। यह राशि पूर्व में केंद्र में रही। कांग्रेस सरकार की ओर से दी राशि से 27 गुना अधिक है। यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में 17.711 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिससे राज्य में न केवल रेल नेटवर्क बेहतर होगा बल्कि लोगों को भी सफर में आसानी रहेगी। हिमाचल प्रदेश के चार रेलवे स्टेशन अमृत योजना में शामिल किए गए हैं। इस पर 46 करोड़ सखर्च किए जा रहे हैं। बैजनाथ-पपरीला और अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशनों का काम पूरा हो चुका है। वैष्णव ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से रेल नेटवर्क के विस्तार में पर्याप्त सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सीएम से प्रोजेक्टों को पूरा करवाने में सहयोग की अपील की है। 

नए फॉर्मूले से हिमाचल का हिस्सा बढ़ा : अनुराग
नए फॉर्मूले के तहत हिमाचल का हिस्सा वास्तव में बड़ा है। रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट कोई स्थाई नहीं, बल्कि अस्थायी व्यवस्था थी। 16वें वित्त आयोग ने सामान्य आरडोजी की सिफारिश नहीं की। हिमाचल में टैक्स डेवोल्यूशन घटा नहीं, बल्कि बढ़ा है। अन्यायपूर्ण कटौती के कांग्रेस के खोखले दावों के विपरीत 16वें वित्त आयोग ने हिमाचल का विभाज्य पूल में हिस्सा 0.830 फीसदी से बढ़ाकर 0.914 फीसदी किया है। नए फॉर्मूले से पोस्ट डेवोल्यूशन प्राप्ति 2025-26 के बजट अनुमान में लगभग 11,561.66 करोड़ से बढ़कर 13,949.97 करोड़ रुपये हो गई है, जो करीब 2.388 करोड़ की वृद्धि है। -अनुराग ठाकुर, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद हमीरपुर
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लोगों को गुमराह करने का प्रयास न करें: धर्माणी
भाजपा के नेता अगर हिमाचल के लिए अनुदान बढ़ाने की बात कर रहे हैं तो यह भी बताएं कि बटाया क्या-क्या है। लोगों को गुमराह करने का प्रयास न करें। केंद्र ने राजस्व घाटा अनुदान बंद कर हिमाचल के हितों की अनदेखी की है। टैक्स डिवॉल्यूशन की जब तक माइक्रो स्टेटमेंट नहीं आ जाती, तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता है। हिमाचल के भाजपा सांसदों को इधर-उधर की बातें करने के बजाय केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान की बहाली के लिए दवाव बनाना चाहिए। -राजेश धर्माणी, नगर नियोजन मंत्री
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