कांगड़ा विधायक दल की बैठक।
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केंद्र से मदद न मिलने पर भाजपा को घेरने की तैयारी में सरकार
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार मंगलवार से शुरू होने वाले विधानसभा के शीत सत्र में प्रश्नकाल से ही आक्रामक तेवर दिखाएगी। केंद्र सरकार से आपदा राहत राशि नहीं मिलने को मुद्दा बनाकर सुक्खू सरकार विधानसभा के शीत सत्र में भाजपा को घेरेगी। सोमवार देर शाम को धर्मशाला में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री सहित सभी कैबिनेट मंत्री, मुख्य संसदीय सचिव और कांग्रेस विधायक मौजूद रहे। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान भाजपा विधायकों को घेरने की रणनीति बनाई गई। प्रदेश सरकार की ओर से बीते एक वर्ष के दाैरान किए गए कार्यों को विधानसभा सदन में जोरदार तरीके से उठाने का फैसला लिया गया। बैठक के दौरान फैसला लिया गया कि सभी कांग्रेस विधायक सदन में आक्रामक तेवर रखेंगे। भाजपा विधायकों के हर सवाल का जोरदार तरीके से जवाब दिया जाएगा। बैठक के दौरान सभी मंत्रियों और विधायकों को सदन में पूरे समय अपनी उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कांग्रेस विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों और जिलों में किए गए विकाय कार्यों की जानकारी रखने को कहा।
भाजपा विधायक दल की बैठक।
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12,000 करोड़ के ऋण और बंद संस्थानों को मुद्दा बनाएगी भाजपा
जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में धर्मशाला में हुई। इसमें भाजपा विधायकों को आक्रामक तरीके से मुद्दे उठाने को कहा गया। भाजपा विधायक दल ने चर्चा की कि इस बार विपक्ष के पास कई मुद्दे हैं। जैसे केंद्र से 3,378 करोड़ रुपये की सहायता, आपदा राशि में बंदरबांट, हिमाचल सरकार की ओर से 12 महीने में 12,000 करोड़ रुपये का ऋण जैसे मसले उठाए जाएंगे। उन्होंने चर्चा की कि भाजपा को अभी तक कांग्रेस सरकार की ओर से संस्थान बंद करने का जवाब नहीं मिला है। इसे भी मुखरता से उठाया जाएगा। कुछ विधायकों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। केंद्र से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, नाबार्ड से आए पैसे और नेशनल हाईवे के लिए आई धन राशि के मुद्दे को सदन में भाजपा प्रमुखता से उठाएगी। कुछ विधायकों ने चर्चा की कि एपीएल राशनकार्ड धारकों को झटका लगा है। डिपुओं के माध्यम से दी जाने वाली चीनी के दाम तीन रुपये बढ़ा दिए गए हैं। पहले जहां इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीस रुपये किलो के हिसाब से चीनी मिलती थी। अब प्रति किलोग्राम चीनी के दाम 33 रुपये निर्धारित किए गए हैं। इससे प्रदेश के करीब 12 लाख राशन कार्ड उपभोक्ताओं को चीनी के नए दाम चुकाने होंगे। ऐसे तमाम मुद्दे उठाए जाएंगे।