खलीनी के बाद यूएस क्लब के रिहायशी इलाके में शनिवार सुबह हिमालयन पाम सिवियट (साका) नजर आया। यह स्थानीय लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना रहा। एक भवन से सटे पेड़ पर बैठे इस जानवर को कुछ लोगों ने तेंदुआ समझ लिया।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से सटे जंगलों में भड़की आग से बचकर भाग रहे जंगली जानवर अब शहर के रिहायशी इलाकों में पहुंचने लगे हैं। खलीनी के बाद यूएस क्लब के रिहायशी इलाके में शनिवार सुबह हिमालयन पाम सिवियट (साका) नजर आया। यह स्थानीय लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना रहा। एक भवन से सटे पेड़ पर बैठे इस जानवर को कुछ लोगों ने तेंदुआ समझ लिया। कुछ लोगों ने इसकी तस्वीरें कैमरे में कैद कर ली। लोगों ने तुरंत वन्यजीव को इसकी सूचना दी। लेकिन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। लोगों के अनुसार थोड़ी देर बाद पेड़ से उतरकर यह जानवर जंगल में गायब हो गया।
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कुछ महीने पहले भी इस क्षेत्र में पेड़ पर एक तेंदुए का शावक बैठा दिखाई दिया था जिसे बाद में वन्यजीव विभाग ने पकड़ लिया था। अब अचानक एक और जानवर पेड़ पर दिखने से लोग डर गए। हालांकि, बाद में जब इसकी पहचान हुई तो लोगों ने इसकी तस्वीरें कैद कर ली। बीते महीने खलीनी के झंझीड़ी में भी हिमालयन पाम सिवियट देवदार के पेड़ पर बैठा दिखाई दिया था। इसे देख स्कूली बच्चे सहम गए थे। शहर से सटे तारादेवी, संकटमोचन, चक्कर, ब्योलिया, मैहली, जुन्गा के ज्यादातर जंगल बीते एक महीने में आग से राख हो चुके हैं। आग से बचकर भागे जानवर अब शहर के रिहायशी इलाकों में पहुंचने लगे हैं।