जीवनरक्षक दवाओं में शुमार हिमाचल के सिरमौर में बनी ए सिपेक्स-ओ का नमूना जांच में नकली पाया गया है। टेबलेट में सॉल्ट के बजाय सफेद मिट्टी (खड़िया) मिली है। ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने शहर के विक्रेता/डीलर और दवा निर्माता कंपनी मेसर्स एपेक्स फार्मूलेशसं नयागांव को नोटिस देकर इस टेबलेट के स्टॉक की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। साथ ही एक सप्ताह में जवाब भी मांगा है।
धड़ल्ले से बेची जा रही इस नकली दवा निर्माता कंपनी के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दायर करने के लिए आयुक्त से अनुमति मांगी है। इस दवाई में सेफिक्जिम और ऑफ्लाक्जेसिन सॉल्ट रहता है, लेकिन जांच में इन दोनों सॉल्ट की मात्रा एक प्रतिशत भी नहीं मिली है। जांच प्रयोगशाला के राजकीय एनालिस्ट विनय कुमार ने टेबलेट को स्पूरियस (नकली) करार दिया है और दोनों ही सॉल्ट को निगेटिव बताया है। मेडिकल स्टोर पर इस टेबलेट की कीमत करीब 200 रुपये प्रति पत्ता (10 गोलियां) है।