आईआईटी प्रबंधन और हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन (एचपीजीए) संयुक्त प्रयास से कैंपस में वेलनेस सेंटर खोलेगी। इसमें विद्यार्थी विशेषज्ञों से परामर्श ले सकेंगे। पढ़ाई के कारण डिप्रेशन और अन्य रोगों के शिकार युवाओं के इलाज के लिए आर्थिक मदद की जरूरत पड़ी तो विदेशों में बसे भारतीय एचपीजीए के माध्यम से सहायता करेंगे।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी में युवाओं को मानसिक तनाव दूर करने के गुर सिखाए जाएंगे। आईआईटी प्रबंधन और हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन (एचपीजीए) संयुक्त प्रयास से कैंपस में वेलनेस सेंटर खोलेगी। इसमें विद्यार्थी विशेषज्ञों से परामर्श ले सकेंगे। पढ़ाई के कारण डिप्रेशन और अन्य रोगों के शिकार युवाओं के इलाज के लिए आर्थिक मदद की जरूरत पड़ी तो विदेशों में बसे भारतीय एचपीजीए के माध्यम से सहायता करेंगे। आईआईटी के शोध आम जनता के लिए उपयोगी बनाने में भी विदेशी भारतीय मदद करेंगे।
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आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर ने बताया कि अभी यह योजना आरंभिक स्टेज में है। हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन के साथ वेलनेस सेंटर खोलने पर चर्चा हुई है। यह संस्थान का सपना है। हिमाचल प्रदेश के प्रवासी भारतीयों के साथ इस तरह के सहयोग से सपना पूरा करने के लिए जरूरी सार्थक चर्चा और कार्यक्रम शुरू हो पाएंगे। एचपीजीए के अध्यक्ष भाग्य चंद्र ने बताया कि आईआईटी मंडी में दौरे के दौरान प्रबंधन से इस संदर्भ में चर्चा हुई है। युवाओं से बातचीत भी की गई है। विदेशों में बसे हिमाचली एनआरआई इस कोशिश को धरातल पर उतारने का प्रयास करेंगे। आईआईटी प्रबंधन समाज हित के लिए बेहतर शोध कर रहा है। वर्तमान में करीब दो हजार शोधार्थी और विद्यार्थी आईआईटी मंडी में पढ़ाई कर रहे हैं।