हिमाचल प्रदेश में बुधवार को धर्मशाला और पालमपुर में बादल बरसे, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली रही। ऊना में अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। कई दिनों बाद प्रदेश में मौसम खुलने से लोगों को हल्की राहत मिली। अब 18 और 19 सितंबर को मध्य पर्वतीय जिलों और मैदानी जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 21 सितंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।
बुधवार को प्रदेश में नौ सड़कें बंद रहीं। कुल्लू में पांच और मंडी जिले में चार सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। शिमला और मंडी जिले में दो पक्के और चार कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। दो गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। शिमला में बुधवार को दिन भर धूप खिली।
बुधवार को ऊना में अधिकतम तापमान 36.6, सुंदरनगर 32.7, बिलासपुर 32.5, कांगड़ा 32.0, भुंतर 31.5, चंबा 31.4, हमीरपुर 31.3, नाहन-सोलन 29.5, धर्मशाला 27.6, शिमला 23.8, केलांग 23.6, कल्पा 23.3 और डलहौजी में 20.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मंगलवार रात को सराहन में 49, जंजैहली-पंडोह में 10, भुंतर में 7, बजौरा में 6, बंजार-रामपुर में 5, जुब्बड़हट्टी में 4, कुमारसेन में 3 और जोगिंद्रनगर-कल्पा में 2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
चौरा में गिरीं भारी-भरकम चट्टानें, एनएच-5 पर आवाजाही ठप
अब किन्नौर जिले के चौरा पुल के नजदीक पहाड़ी से भारी-भरकम चट्टानें गिरने से एनएच-5 पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। एनएच-5 मंगलवार रात करीब 9 बजे भारी-भरकम चट्टानें गिरने से बंद हो गया था। इससे बुधवार को सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लगी रहीं। सैकड़ों लोग फंसे रहे। मार्ग बहाल न होने से लोगों को मजबूरन लौटना पड़ा। वहीं, परिवहन निगम यात्रियों को ट्रांसमिट कर भेज रहा है। मार्ग बंद होने से जनजातीय जिला किन्नौर का संपर्क शेष विश्व से कट गया है।
भारी-भरकम चट्टानों को ब्लास्टिंग से तोड़ने के कारण मार्ग बहाली में समय लग रहा है। नेशनल हाईवे प्राधिकरण रामपुर के एक्सईएन केएल सुमन के अनुसार मार्ग वीरवार तक बहाल हो सकेगा। हालांकि, एनएच प्राधिकरण के कर्मचारी और मशीनरी मार्ग को बहाल करने में जुटी है। चौरा पुल के पास मंगलवार रात करीब 9 बजे पहाड़ी से भारी-भरकम चट्टानें नेशनल हाईवे-5 पर करीब 50 मीटर तक आ गईं। इससे मार्ग पर यातायात बंद हो गया है। बुधवार को एनएच प्राधिकरण ने मार्ग को बहाल करने के लिए 6 मशीनें और 15 मजदूर लगा दिए हैं।
नेशनल हाईवे प्राधिकरण रामपुर के एक्सईएन केएल सुमन ने बताया कि पहाड़ी से भारी-भरकम चट्टानों को ब्लास्ट कर हटाने में वक्त लग रहा है। वीरवार तक एनएच को यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा। उधर, परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी ने बताया कि चौरा के पास एनएच बंद होने के चलते यात्रियों को ट्रांसमिट कर भेजा जा रहा है।
कुल्लू में छेत के पास रात को दो घंटे बंद रहा एनएच-305
छेत के पास मंगलवार रात करीब नौ बजे नेशनल हाईवे-305 अवरुद्ध हो गया। मांर्ग दो घंटे तक बंद रहा। इसके दोनों तरफ करीब एक दर्जन वाहन फंसे रहे। गनीमत रही कि भूस्खलन के समय कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। सूचना मिलने के बाद एनएचएआई ने जेसीबी मौके पर भेजकर चट्टानों को हटाया। जगह संकरी होने से रोड को खोलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। हाईवे को खोलने में दो घंटे का समय लगा।
एनएच-305 के सहायक अभियंता टहल सिंह ने कहा कि जेसीबी से चट्टानों को हटाकर करीब दो घंटे बाद मार्ग बहाल कर दिया गया है। उधर, जिला कुल्लू में अभी कुछ मार्ग यातायात के लिए बंद हैं। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि बरसात में बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर लोनिवि के अधिकारियों को खोलने के निर्देश दिए गए हैं।