हिमाचल प्रदेश में शनिवार को मौसम के कई रंग देखने को मिले। शनिवार को कुल्लू के बंजार की तीर्थन घाटी में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। कुल्लू और मनाली में बूंदाबांदी हुई। सोलन में बारिश और ओलावृष्टि से एक दिन में 70 लाख का नुकसान हुआ है। इसमें लोनिवि को 20 और कृषि विभाग को 50 लाख की चपत लगी है। कंडाघाट क्षेत्र में सड़कों और डंगों को क्षति पहुंची है। ओलावृष्टि से टमाटर और शिमला मिर्च के पौधे नष्ट हो गए हैं।
शिमला सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। उधर, प्रदेश में आने वाले एक सप्ताह तक मौसम खराब रहेगा। मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में 11 और 12 मई को भारी बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा में इस दौरान बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट है। उच्च पर्वतीय जिलों किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने के आसार बढ़ गए हैं।
प्रदेश में दस मई की रात पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव आ रहा है। पूरे प्रदेश में 14 मई तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।शनिवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा। सुबह के समय हालांकि शिमला में बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर बाद शहर में मौसम साफ होने के साथ ही धूप खिली रही। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार और सोमवार को भी मध्य पर्वतीय जिलों में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी मौसम खराब बना रहने के आसार जताए गए हैं। 11 से 14 मई तक पूरे प्रदेश में बादल बरसने की संभावना है। शनिवार को कुल्लू के बंजार की तीर्थन घाटी में भारी बारिश के साथ ओले गिरने से सेब सहित अन्य फलों को नुकसान पहुंचा है। शनिवार को प्रदेश का अधिकतम तापमान भी सामान्य से कम रिकार्ड हुआ। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 32.5, हमीरपुर में 31.8, कांगड़ा में 31.5, सुंदरनगर में 31.0, नाहन में 29.0, चंबा में 29.4, सोलन में 28.3, भुंतर में 27.2, ऊना में 26.0, धर्मशाला में 25.2, शिमला में 21.8, डलहौजी-कल्पा में 17.5 और केलांग में 14.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।