फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौसम की मार: बागवानों ने 20 दिन पहले ही कर दिया अनार का तुड़ान, बारिश ने बढ़ाईं मुश्किलें

Wed, 28 Aug 2024 05:47 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू

सार

निचले क्षेत्र के बागवानों ने तैयार होने से पहले ही तुड़ान कर अनार को मंडी में पहुंचा दिया है, जबकि अनार का सीजन कुल्लू में 20 सितंबर के बाद ही शुरू होता था। 
विज्ञापन
मंडी में अनार की दस्तक। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सेब सीजन के बीच भुंतर और बंदरोल सब्जी मंडियों में अनार का सीजन शुरू हो गया है। निचले क्षेत्र के बागवानों ने तैयार होने से पहले ही तुड़ान कर अनार को मंडी में पहुंचा दिया है, जबकि अनार का सीजन कुल्लू में 20 सितंबर के बाद ही शुरू होता था। अनार के उत्पादकों पर मौसम की दोहरी मार पड़ी है। पहले गर्मी के कारण अनार का आकार नहीं बन पाया और तैयार होने के बाद बारिश से फसल को नुकसान हो रहा है। ऐसे में अनार फटने लगा है। करीब तीन सप्ताह पहले ही अनार के मंडियों में आने से आधा कच्चा फल ही मंडी में आ रहा है।

विज्ञापन


अनार में अभी लालगी भी कम है। कंधारी वैरायटी का बीज भी कच्चा है। ऐसे में तैयार होने से पहले ही लाए गए अनार के मंडियों में उतरने से इसका असर मार्केट पर भी पड़ेगा। दाम कम होने की सूरत में इसका नुकसान भी बागवानों को ही भुगतना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि इस बार मौसम अनार के अनुकूल नहीं रहा है। अधिक गर्मी के चलते निचले क्षेत्रों में पहले तो अनार के फलों में वृद्धि अच्छे से नहीं हो पाई। अब बरसात में बारिश होने के कुछ जगहों पर अनार के फटने की शिकायतें आ रही हैं। जिला कुल्लू में 406 हेक्टेयर भूमि पर अनार का उत्पादन हो रहा है। कुल्लू के हुरला, थरास, गड़सा, बंजार, भुंतर, खराहल, सेउबाग, डोभी, रायसन आदि क्षेत्रों में अनार की पैदावार हो रही है।

विज्ञापन

अनार इस बार सब्जी मंडी भुंतर में समय से पहले ही आ गया है। बागवान अनार के तुड़ान में जल्दबाजी न करें। तैयार होने के बाद ही इसे मंडियों में लाएं। इसके बागवानों को बेहतर दाम मिलेंगे और दाम भी स्थिर रहेंगे। जल्दी तुड़ान करने से इसकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।-मानस कुमार सूद, अध्यक्ष, आढ़ती यूनियन, भुंतर
विज्ञापन

क्या कहते हैं अधिकारी
पौष्टिक तत्वों से भरपूर अनार की देशभर की मंडियों में खूब मांग रहती है। कुल्लू के निचले क्षेत्रों में बागवानों का रुझान लगातार इसकी तरफ बढ़ रहा है। जिला कुल्लू में कंधारी, गणेश, सिंधूरी, मृदुला, सीडलस मृदुला आदि किस्मों का उत्पादन हो रहा है। बागवान अनार को तैयार करने के बाद ही मंडियाें में लेकर जाएं।-बीएम चौहान, उपनिदेशक बागवानी विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें