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हिमाचल में सरकार की मंजूरी के बिना नहीं हो सकेंगी जल क्रीड़ाएं

Sat, 07 Dec 2019 11:24 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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फाइल फोटो
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हिमाचल में अब बिना सरकारी मंजूरी के कोई भी जल क्रीड़ाएं नहीं होंगी। पर्यटन विभाग ने जलक्रीड़ा और संबद्ध क्रियाकलाप के नियमों को अधिसूचित कर दिया है। विभिन्न गतिविधियों के लिए बांध क्षेत्र, नदियों और प्राकृतिक झीलों का भी चयन कर लिया गया है। इन नियमों को लेकर एक माह के भीतर आम जनता अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवा सकती है। राज्य पर्यटन विकास और रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 2002 (2002 का अधिनियम संख्या 15) की धारा 64 की ओर से प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जलक्रीड़ा और संबद्ध क्रियाकलाप को कार्यान्वित करने के लिए शुक्रवार को राजपत्र में नियम अधिसूचित किए गए हैं।

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जल क्रीड़ाएं करवाने के लिए बांध क्षेत्रों में महाराणा प्रताप सागर (पौंग डैम), गोविंद सागर झील, लारजी परियोजना जलाशय, कोल बांध परियोजना जलाशय, पंडोह बांध जलाशय, चमेरा परियोजना एक, दो और तीन बांध जलाशय और नाथपा बांध जलाशय को चुना गया है। नदियों में सतलुज, ब्यास, रावी, यमुना, गिरी, पब्बर, बास्पा, स्पीति, चंद्रभागा और प्राकृतिक झील में रेणुका झील को चुना गया है। जल क्रीड़ा में वेक बोर्डिंग, वाटर स्कीइंग, जैट स्कीइंग, स्काई बोर्डिंग, वाटर स्कूटर, फनराइड जैसे ट्यूब राइड, बनाना राइड, रिंगो राइड, डॉनट राइड, रोइंग, क्याकिंग और कनोइंग को शामिल किया गया है।

संबद्ध क्रियाकलापों में देसी नौका पर नौका विहार, चप्पू नौका विहार, विद्युत/गति/इंजन चलित नौकायन नौका विहार, शिकारा (हाउस बोट) पर नौका विहार, पोत पर अवकाश पर्यटन को शामिल किया गया है। जलक्रीड़ा और संबद्ध क्रियाकलाप के लिए तीन साल की अवधि का रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। विदेशी नागरिक को प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा। राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले व्यक्ति को ही जल क्रीड़ाएं करवाने की अनुमति दी जाएगी।
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हृदय की कमजोर स्थिति, मिर्गी, फेफड़ों के विकार, दमा से पीड़ित सहभागियों और गर्भवती महिलाओं का जल क्रीड़ा में भाग लेना वर्जित होगा। नशे का सेवन किए हुए व्यक्ति को भी अनुमति नहीं दी जाएगी। निर्धारित कपड़े पहनकर ही जल क्रीड़ा में शामिल हो सकेंगे। जल क्रीड़ा और संबद्ध क्रियाकलाप करने वाले लोगों को इसमें शामिल होने से पहले गतिविधि के दौरान किसी भी प्रकार की दुघर्टना होने की स्थिति में खुद की जिम्मेवारी तय करने का लिखित में अंडरटेकिंग भी देनी होगी।

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