दीक्षांत समारोह में राजभवन से पास हुए मिनट टू मिनट कार्यक्रम को दरकिनार कर भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) को सम्मानित करना हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति (वीसी) को भारी पड़ता दिख रहा है। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के निर्देश पर राजभवन ने शुक्रवार को कुलपति को नोटिस भेजकर अमर उजाला में छपी खबरों पर स्पष्टीकरण देने को कहा है। जवाब के लिए सिर्फ तीन दिन का समय दिया गया है। कुलपति के जवाब के बाद राज्यपाल मामले में अपना फैसला लेंगे। राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर ने नोटिस भेजे जाने की पुष्टि की है।
बता दें कि 29 नवंबर को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह आयोजित किया था। कार्यक्रम में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री, वित्त राज्य मंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को सम्मानित किया। राजभवन सूत्रों के अनुसार दीक्षांत समारोह के लिए जो कन्वोकेशन स्क्रॉल तैयार किया था, उसमें भाजपा नेता को सम्मानित करना शामिल नहीं था, लेकिन शिक्षा मंत्री को स्मृति चिह्न देने के बाद समारोह के स्क्रॉल में कुलपति के 20 नंबर पर स्वागत भाषण प्रस्तुत करने से पहले भाजपा संगठन मंत्री पवन राणा को स्टेज पर बुलाकर कुलपति ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित कर दिया।
अमर उजाला ने विश्वविद्यालय जैसे संस्थान के दीक्षांत समारोह की परंपरा टूटने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो राजभवन हरकत में आ गया। चूंकि राज्यपाल प्रदेश से बाहर थे, ऐसे में राजभवन के अधिकारियों ने अपने स्तर पर कवायद की तो मिनट टू मिनट कार्यक्रम में बदलाव की पुष्टि हो गई। इसके बाद जैसे ही राज्यपाल शिमला पहुंचे तो अधिकारियों ने उन्हें रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट सामने आने के बाद शुक्रवार को राज्यपाल ने कुलपति से जवाब तलब कर लिया है।