केयू हाइड्रो परियोजना के लंगाडग स्थित उक्त प्रोजेक्ट में विद्युत उत्पादन चल रहा था, तभी पावर हाउस से करीब तीन सौ मीटर दूरी पर 4.6 किलोमीटर टनल और पैन स्टॉक के जंक्शन में अचानक पानी का रिसाव शुरू हो गया। पहाड़ी पर स्थित पैन स्टॉक से पानी का तेज बहाव मुल्थान बाजार और गांव की तरफ तबाही मचाते हुए पहुंचा। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने खुद मोर्चा संभाला और करीब चार घंटे के बाद पहाड़ी से आ रहे पानी व मलबे का रुख लंबाडग नदी की तरफ मोड़कर खतरे को टाला। हालांकि रिसाव लगातार जारी है और पहाड़ी आ रहा पानी बाजार होते हुए लंबाडग नदी में जा रहा है।
मुल्थान से बरोट तक मची चीख-पुकार
मुल्थान बाजार की तरफ पानी व मलबा आने पर चीख-पुकार मच गई। कारोबारियों व ग्रामीणों ने भागकर जान बचाई। घटना के बाद सीपीएस किशोरी लाल ने मौके का जायजा लिया और विभाग को सड़क से मलबा हटाने के निर्देश दिए। सीपीएस किशोरी लाल ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि शनिवार तक सभी प्रभावितों की सूची तैयार की जाए और उन्हें फौरी राहत दी जाए। उधर, एसडीएम बैजनाथ देवी चंद ने बताया कि नुकसान की रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है।
तकनीकी निदेशालय से करवाएंगे जांच
इस संबंध में केयू हाइड्रो परियोजना के अधिकारी छेरना देवी सिंह चौहान ने बताया कि टनल में रिसाव हुआ है। कारणों का पता लगाया जा रहा है। घटना का पता चलते ही छेरना से पानी बंद कर दिया है। वहीं जिलाधीश हेमराज बैरवा ने कहा कि कांगड़ा प्रोजेक्ट में हुई पानी की लीकेज के कारण हुए नुकसान का आकलन करवाया जाएगा। इसके अलावा तकनीकी निदेशालय से मामले की जांच करवाई जाएगी।