जलसंकट पर गरमाया रहा एमसी का सदन
कच्चीघाटी वार्ड की पार्षद किरण ने उठाया मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में जल संकट गहरा गया है। गिरि परियोजना में बार-बार पाइप फटने के कारण शहर को पेयजल आपूर्ति सुचारू तरीके से नहीं हो रही है। शहर के कच्चीघाटी वार्ड में लोगों को पानी पांचवें दिन मिल रहा है।
नगर निगम के मासिक सदन में शुक्रवार दोपहर बाद हुई बैठक में वार्ड की पार्षद किरन शर्मा ने यह मामला उठाया। पार्षद ने कंपनी को कड़ी फटकार लगाई। पार्षद ने कहा कि उनके वार्ड में तीसरे की जगह पांचवें दिन पानी की सप्लाई मिल रही है। यह सप्लाई भी दिन की जगह रात को दो बजे दी जा रही है। इस कारण कच्चीघाटी, लोअर चक्कर, घोड़ा चौकी, महावीर घाटी और तारादेवी क्षेत्र के लोगों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। उन्होंने इस बारे में कंपनी अधिकारियों से पूछा तो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। लिहाजा मामले के बढ़ने के बाद महापौर बीच में आए और उन्होंने कंपनी के एजीएम बसंत राठौर तथा एसडीओ को आपूर्ति दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि कंपनी पार्षदों को गुमराह कर अंधेरे में न रखें और सदन को सच्चाई से अवगत करवाए। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि गिरि में पाइप के फटने के कारण दिक्कतें पेश आ रही हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस पूरे कार्य में करीब 4 से 5 दिन का समय लगना है। इससे शहर के लोगों को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
राजभवन, न्यू शिमला और निगम बिहार में नहीं मिली सप्लाई
राजधानी शिमला में शुक्रवार को भी पानी का संकट गहरा रहा। गिरि से पर्याप्त रूप से पानी की सप्लाई नहीं आई है। इस कारण संजौली टैंक में पानी का लेवल नहीं बन पाया है। छोटा शिमला के तहत राजभवन, न्यू शिमला, निगम बिहार और बैम्लोई समेत आसपास के इलाकों में पानी की सप्लाई नहीं हो पाई है। आने वाले दिनों में इस तरह की समस्या बनी रह सकती है।
नगर निगम खरीदेगा 10 नई गाड़ियां
नगर निगम 10 नई कूड़े की गाड़ियां खरीदने जा रहा है। 31 मार्च को पुरानी गाड़ियां अपनी तय समय अवधि पूरी करने जा रही है। ऐसे में यह सड़कों पर नियमों के तहत नहीं चल पाएंगी। अब इनकी जगह नई इलेक्टि्रकल गाड़ियों की खरीद की जाएगी। आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि स्थानीय निकाय को इसका 50 फीसदी भुगतान करना होगा।
ऐसा जवाब दिया जो पढ़ा नहीं जा रहा
वर्ल्ड बैंक के पैसों का मामला सदन में गरमाया रहा। नाभा वार्ड की पार्षद सिमी नंदा ने एसजेपीएनएल कंपनी से जवाब मांगा था लेकिन दूसरी ओर कंपनी ने जो जवाब कागजों में दिया था वह पढ़ा तक नहीं जा रहा था। इस कारण पार्षद नाराज नजर हो गई। पार्षद ने कहा कि कंपनी जवाब देकर महज औपचारिकता निभा रही है, जो जवाब दिया है, वह पढ़ा नहीं जा रहा है। इस पर अन्य पार्षदों ने भी सहमति जताई। पार्षद ने कहा कि अगर उनकी नजरें ठीक हैं तो वह पढ़कर बताएं।