उन्होंने तारांकित प्रश्न पूछा था। लेकिन, इसे अतारांकित प्रश्न में तब्दील कर दिया गया। विप्लव के प्रश्न पर हिमाचल के धर्मशाला स्थित केंद्रीय भूजल बोर्ड के दफ्तर से भी प्रदेश में पेयजल संकट को लेकर रिपोर्ट मांगी गई थी।
केंद्रीय भूजल बोर्ड ने राज्य सरकार से वस्तुस्थिति की रिपोर्ट मांगी है। गौरतलब है कि कुछ माह पहले शिमला में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न होने की वजह से हजारों लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे।
हालात बेकाबू होने पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश आधी रात को सड़कों पर निकलकर व्यवस्था संभालने में लग गए थे। नगर निगम के सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ था। शिमला में पानी न मिलने की वजह से पर्यटकों को दूसरे पर्यटन स्थलों का रुख करना पड़ा था। इससे दुनिया भर में हिमाचल की किरकिरी हुई थी।