सुप्रीम कोर्ट, एनजीटी, हाईकोर्ट, प्रशासनिक ट्रिब्यूनल सहित कई जगहों पर चल रहे अदालती मामलों पर भी चर्चा की। उन्होंने कुछ विवादों को सुलझाने के लिए सरकारी पक्ष को मजबूती से नहीं रखे जाने पर चिंता जताई।
साथ ही कहा कि इससे सरकार को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सभी अदालती मामलों की टाइम बाउंड कंप्लायेंस नहीं करने का भी मसला उठाया। सीएम ने बार-बार दोहराया कि सभी मामले जनहित में समय पर सुलझाने जरूरी होते हैं।
बहुत से मामलों में ठीक से पक्ष रखा जाता तो वे इस तरह से नहीं होते। उन्होंने तमाम मामलों पर जवाब बनाने के लिए कंपीटेंट अधिकारियों की सेवाएं लेने के भी निर्देश दिए। ढुलमुल रवैये वालों पर सख्ती करने की बात की।